हादसे में तीन दिन तक हुई खुदाई।
- फोटो : अमर उजाला।
जानकारों का कहना है कि बिल्डिंग में तय सीमा से अधिक निर्माण किया गया था। ऐसे में एलडीए के उन इंजीनियरों की मुश्किल बढ़ सकती है, जिनके समय में अवैध निर्माण हुआ।
बनाया जाएगा आर्किटेक्ट का पैनल
ट्रांसपोर्टनगर हादसे से सबक लेते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण शहर की सभी ऊंची इमारतों का सेफ्टी ऑडिट कराएगा। इसके लिए आर्किटेक्ट का पैनल बनाया जाएगा। ट्रांसपोर्टनगर के साथ ही शहीद पथ के दोनों ओर करीब 22 किमी के दायरे में आने वाली काॅलोनियों में प्राधिकरण जांच अभियान चलाएगा। अभियान के दौरान अवैध बनी इमारतों पर कार्रवाई की जाएगी। इसकी शुरुआत रविवार से ही ट्रांसपोर्टनगर में हो चुकी है।
रविवार को जिस बिल्डिंग को एलडीए ने सील किया था, उसकी स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की जांच कराई जाएगी। सीलिंग नोटिस मेंं आशंका जताई गई है कि बगल वाली बिल्डिंग ढहने के कारण उसके भी स्ट्रक्चर को जरूर नुकसान पहुंचा होगा। जब तक जांच नहीं हो जाती, बिल्डिंग सील रहेगी। इस बारे में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार का कहना है कि शहर की सभी ऊंची और व्यावसायिक इमारतों का सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। इसके लिए शासन से भी मंजूरी ली जाएगी।
ट्रांसपोर्टनगर में होगा ड्रोन सर्वे
एलडीए प्रशासन ट्रांसपोर्टनगर की इमारतों की मजबूती की जांच के लिए अभियान चलाएगा। इसको लेकर ड्रोन से सर्वे कराए जाने की तैयारी है। ट्रांसपोर्टनगर योजना एयरपोर्ट के नजदीक है, लिहाजा ड्रोन उड़ाने के लिए एयरपोर्ट प्रशासन से अनुमति ली जाएगी।