परिवहन निगम (रोडवेज) में फर्जी तरीके से चिकित्सा अवकाश स्वीकृत कराकर भुगतान लेने के एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। इस खुलासे के बाद निगम मुख्यालय ने सभी डिपो में चिकित्सा अवकाश के मद में किए गए भुगतान की जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यालय ने यह कार्रवाई अयोध्या परिक्षेत्र के अमेठी डिपो में पकड़े गए खेल के बाद की है।
मुख्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि अमेठी के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अजय कुमार पांडेय ने सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक फैजाबाद डिपो एवं सेवा प्रबंधक फैजाबाद (वर्तमान में अयोध्या) ने करीब 13 साल पहले डिपो के अक्षम चालक शिवनंदन त्रिपाठी का पूरे सेवाकाल में 365 दिन का चिकित्सा अवकाश स्वीकृत किए जाने के बाद भी 133 दिन का फर्जी तरीके से चिकित्सा अवकाश स्वीकृत कराया। इस मद में 73,860 रुपये का भुगतान किया गया।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एवं सेवा प्रबंधक ने यह अवकाश जून 2009 से जून 2015 की अवधि में स्वीकृत किया। पर फर्जीवाड़े का खेल इसी साल जनवरी में पकड़ में आया। इस खुलासे के बाद शिवनंदन से रकम की रिकवरी के आदेश दिए गए हैं। मुख्यालय के अफसरों को अंदेशा कि अयोध्या के अलावा अन्य परिक्षेत्रों में भी फर्जीवाड़ा हो सकता है, जिन्हें अधिकारियों की मिलीभगत से दबा दिया गया हो।