नई स्थानान्तरण नीति जारी होने के बाद सचिवालय प्रशासन विभाग में तबादलों का दौर शुरू हो गया है। अपर मुख्य सचिव सचिवालय प्रशासन एनएस रवि ने सबसे पहले 84 अनुभाग अधिकारियों को इधर से उधर किया है।
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प्राइम पोस्टिंग पर तैनात कर्मी इस तबादले में भी अपना जलवा बनाए रखने में सफल रहे हैं। उन्हें फिर वैसे ही अहम विभागों में नई तैनाती मिली है।
नई सरकार ने हाल में नई स्थानान्तरण नीति तय की है। इसमें अनु सचिव से कंप्यूटर सहायक तक को एक से दूसरे विभाग में भेजने की समय सीमा संशोधित की गई है।
शुक्रवार को महकमे के अपर मुख्य सचिव ने तबादले की शुरुआत अनुभाग अधिकारियों से की। नई नीति में एक विभाग में अधिकतम पांच साल की सेवा पूरी करने वाले अनुभाग अधिकारियों को हटाने का आदेश है। पहले यह समय सीमा सात साल थी। नई नीति के तहत 84 अनुभाग अधिकारियों को हटाकर दूसरे विभाग में तैनाती दी गई है।
विभागों में तैनाती पाने के लिए जमकर होता है खेल
खास बात यह कि सचिवालय में कई महकमों की तैनाती के लिए पर्दे के पीछे जमकर खेल चलता है। बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी हैं जो एक अहम विभाग से किसी तरह हटते हैं तो फिर किसी दूसरे अहम महकमे में पहुंच जाते हैं।
सचिवालय में शिक्षा, नगर विकास, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, वित्त, नियुक्ति, आवास, वन, न्याय, कर एवं निबंधन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, खाद्य-रसद, आबकारी, राज्य संपत्ति, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, चीनी उद्योग व खनन जैसे महकमों में तैनाती पाने के लिए पर्दे के पीछे जमकर खेल चलता है।
इस बार भी तमाम कर्मी एक अहम महकमे से दूसरे में पहुंचने में सफल रहे हैं।
इस तैनाती में आवास से नगर विकास, उच्च शिक्षा, नियुक्ति, नियुक्ति से वन, वित्त, चिकित्सा शिक्षा, राज्य संपत्ति, उच्च शिक्षा से पीडब्ल्यूडी, राज्य संपत्ति से वित्त, न्याय से आवास, लोक निर्माण से नगर विकास व नियुक्ति, आवास से सहकारिता, नगर विकास नियुक्ति, खाद्य रसद से शिक्षा व आबकारी, चीनी उद्योग से शिक्षा, वित्त से नगर विकास, आवास, राज्य संपत्ति जैसे महकमे में पहुंचने में कर्मी सफल रहे हैं।
महकमे ने बाध्य प्रतीक्षा में चल रहे चार अनुभाग अधिकारियों को भी नई तैनाती दे दी है।
वैसे तो पांच साल पूरा करने वालों को हटाने की व्यवस्था है लेकिन पांच साल पूरा न करने वाले और अगले कुछ महीनों में पदोन्नति की लाइन में खड़े कर्मियों को भी हटा दिया गया है। पदोन्नति के बाद कर्मी को मौजूदा तैनाती वाले पद से हटाने की व्यवस्था पहले से है।