सीएम योगी ने मेधावी बच्चों को स्कूटी और प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कल्याण सिंह की सरकार में वर्तमान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शिक्षा मंत्री थे। उन्होंने नकल रोकने के लिए सख्त कदम उठाए थे, जबकि प्रदेश में एक पार्टी ऐसी भी थी, जिसने नकल करने की सार्वजनिक घोषणा कर दी थी। इसकी कीमत नौजवानों, नागरिकों और प्रदेश को भुगतनी पड़ी। नकल को जन्मसिद्ध अधिकार मान लिया गया था।
अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि जो प्रदेश आजादी के दौरान देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देता था, वह बीमारू राज्य घोषित कर दिया गया। देश के विकास में यूपी की भूमिका होने की जगह उसे विकास का बैरियर माना जाने लगा। यहां के युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था, इससे प्रदेश के साथ देश का विकास भी बाधित होता था।
बीते आठ वर्ष में नकलविहीन परीक्षा से अब यूपी के लोगों पर कोई प्रश्न चिह्न नहीं खड़ा कर सकता है। यूपी अब बीमारू राज्य नहीं है, बल्कि देश की दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था के साथ ग्रोथ इंजन बन चुका है। इस स्पीड से यूपी को नंबर एक बनने से कोई रोक नहीं पाएगा। यह सामूहिक प्रयास का नतीजा है। इसमें समाज के हर तबके का योगदान है। पिछले दस वर्षों में प्रदेश के साथ देश का भी विकास हुआ है। प्रदेश को लेकर जो एक इमेज पूरे देश में थी, वह अब बदली है।
बाराबंकी के छात्र रामकेवल के साथ सीएम।
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10वीं में सफलता हासिल करने वाले बाराबंकी के छात्र रामकेवल को सीएम ने स्मार्ट फोन देकर सम्मानित किया। रामकेवल अपने गांव में हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाला पहला छात्र है। सीएम ने कहा कि वंचित तबके का होने के बाद भी उसने हिम्मत नहीं हारी। सरयू किनारे रहता है। सुविधाओं का अभाव है। परिवार मजदूरी करके पेट पालता है। गांव में किसी ने पढ़ाई नहीं की, लेकिन अकेला छात्र अपना रास्ता तय करने निकल पड़ा। उसने लगन और मेहनत नहीं छोड़ी। अमर उजाला ने उसकी मेहनत को देखा और उसे भी सम्मानित किया।