फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लविविः हॉस्टल मारपीट वारदात में तीन छात्र निलंबित

विज्ञापन
लखनऊ विवि प्रशासन ने मारपीट मामले में तीन छात्रों को किया निलंबित। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
विज्ञापन
लखनऊ विश्वविद्यालय के लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास में शुक्रवार रात हुई दो छात्र गुटों की मारपीट के मामले में प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने सोमवार को बीकॉम ऑनर्स के पांचवें सेमेस्टर के तीन छात्रों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
विज्ञापन

उन्हें छात्रावास खाली करने के आदेश दे दिए हैं। साथ ही विवि के दोनों परिसरों में प्रवेश पर करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। तीनों से एक सप्ताह के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मालूम हो कि शुक्रवार रात को एलबीएस छात्रावास में बर्थडे पार्टी के दौरान दो छात्र गुटों में जमकर मारपीट हुई थी। इस दौरान कुछ बाहर के लोगों ने भी आकर मारपीट की थी, जिसमें एमए के एक छात्र को गंभीर चोटें आईं थीं।
विज्ञापन

उसका सर फट गया था और पैर फ्रैक्चर हो गया था, जबकि तीन घायल हो गए थे। हसनगंज थाने में सूरज सिंह, सलमान, शिव वर्मा, अभय सिंह के अलावा तीन अज्ञात पर केस दर्ज किया गया था। मामले को लेकर लविवि ने भी सात सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी ने बताया कि बीकॉम पांचवें सेमेस्टर के शिव कुमार व सलमान खान और बीकॉम ऑनर्स पांचवें सेमेस्टर के अभय कुमार सिंह को विवेचना की अवधि तक निलंबित कर छात्रावास का आवंटन भी निरस्त कर दिया गया है।
यही नहीं, विवेचना की अवधि तक लविवि के दोनों परिसरों में इनका प्रवेश पूर्ण रूप से वर्जित रहेगा। तीनों से एक हफ्ते में स्पष्टीकरण मांगा है। पक्ष न रखने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हॉस्टल के छात्रों का बनेगा व्हाट्सएप ग्रुप
कुलपति प्रो. आलोक राय ने हॉस्टल की व्यवस्था को लेकर चीफ प्रोवोस्ट, सभी प्रोवोस्ट और चीफ प्रॉक्टर की बैठक बुलाई। हॉस्टल की व्यवस्था को लेकर उन्होंने दिशा-निर्देश दिए। समय-समय पर हॉस्टल के छात्रों से वार्ता कर समस्याएं जानने के निर्देश दिए। वहीं, हर हॉस्टल का अलग से व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाने का भी निर्देश दिया। हफ्ते में एक बार हॉस्टल के छात्रों से वार्ता करने के निर्देश दिए हैं। उन जगहों को चिह्नित करने निर्देश दिया है, जहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की जरूरत है। छात्रावासों में सीसीटीवी कैमरों की भारी कमी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें