लखनऊ। राजधानी के कई इलाकों में आईपीएल मैच पर सट्टा लग रहा है। विभूतिखंड पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह का खुलासा किया है जो मोबाइल एप के जरिये मैच में सट्टा लगवा रहा था। गिरोह के तीन सदस्यों को दबोचकर इनके पास से नकदी, मोबाइल, लैपटॉप सहित कई सामाना बरामद किया गया है। वहीं सट्टे के लिए बैंक खाते में आए 42 लाख रुपये को फ्रीज करा दिया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक आईपीएल मैच में मोबाइल एप के जरिये सट्टा लगाने की जानकारी के बाद पुलिस टीम ने विभवखंड स्थित एक मकान में दबिश देकर मूलरूप से गोरखपुर के बांसगांव निवासी प्रवीण सिंह उर्फ सोहन सिंह उर्फ डोगरा, विनयखंड-2 के राहुल सिंह और मल्हौर रेलवे कॉलोनी चिनहट के गौरव को दबोचा। ये सभी एक मोबाइल एप पर सट्टा लगवाते थे। आरोपियों के पास से 14 हजार रुपये नकद, चार एंड्रायड मोबाइल, तीन कीपैड मोबाइल, दो चेक बुक, एक लैपटॉप व एक एलईडी टीवी बरामद हुई। इनसे बरामद बैंक डिटेल के आधार पर एक खाता फ्रीज कराया है, जिसमें 42,66,310 रुपये जमा थे।
फर्जी ई-मेल आईडी से भेजते थे लिंक
पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी प्रवीण सिंह ने बताया कि पूरा गिरोह मोबाइल का प्रयोग नहीं करता था। गिरोह ने फर्जी नाम व पते से ई-मेल आईडी बना रखी थी। लोगों को सट्टे में रुपये लगाने के लिए मोबाइल एप से लिंक भेजते थे। फर्जी आईडी पर बने मोबाइल एप पर लोगों से हार जीत का सट्टा लगवाते थे, ताकि पुलिस उनको पकड़ न सके।
टॉस से लेकर हर गेंद पर लगती थी रकम
गिरोह के सदस्य गौरव ने बताया कि मैच के तय समय से पहले लैपटॉप व मोबाइल लिंक भेजकर टॉस में किस टीम की जीत होगी? कौन पहले बल्लेबाजी करेगा? कौन ओपनिंग करने आ रहा है? कौन खिलाड़ी पहले गेंदबाजी करेगा? पहली गेंद पर कितने रन बनेंगे? यहां तक हर बाल पर कितने रन और विकेट गिरेंगे? इन सब को लेकर सट्टा लगता था। कौन खिलाड़ी कितने रन बनाएगा? इस तरह से करोड़ों रुपये का रोज सट्टा लगता था।
खुलासे में इनकी भूमिका
गिरोह का खुलासा करने में डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन की क्राइम टीम के एसआई रजनीश वर्मा, मुख्य आरक्षी नरेंद्र बहादुर सिंह, आरक्षी आनंद मणि सिंह, बृजेश बहादुर सिंह, रिंकू कुमार, मनीष मलिक, विशाल कुमार, विभूतिखंड थाने के एसआई पवन कुमार सिंह, सईद अख्तर उस्मानी, मनोज यादव व मुख्य आरक्षी संदीप जायसवाल की भूमिका रही।