लखनऊ। प्रदेश सरकार केकैबिनेट मंत्री सुरेश राणा का पीए बनकर एक जालसाज ने चीफ पोस्ट मास्टर जनरल को कॉल किया। मंत्री के नाम का दुरुपयोग कर अनुकंपा नियुक्ति के लिए दबाव बनाया। नियुक्ति न होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। जब नंबर के बारे में कैबिनेट मंत्री के कार्यालय से पता किया गया तो वह फर्जी निकला। इसके बाद हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
कार्यवाहक निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के मुताबिक, चीफ पोस्ट मास्टर जनरल के निजी सचिव दिनेश कुमार मिश्रा ने तहरीर दी जिसमें आरोप लगाया कि 3 और 9 सितंबर को चीफ पोस्ट मास्टर जनरल को किसी ने खुद का परिचय राहुल रावत के तौर पर देकर फोन किया। कहा कि वह प्रदेश सरकार केगन्ना मंत्री सुरेश राणा का निजी सहायक है। बातचीत के दोरान पीए बने जालसाज ने बिजनौर टेमराउला निवासी सुधांशु गुप्ता की अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति करने के लिए कहा।
निजी सचिव के अनुसार, अनुकंपा आधार पर नियुक्ति के लिए गठित कमेटी ने पूर्व में ही सुधांशु का नाम खारिज कर दिया था। यह बात पता चलने पर राहुल रावत ने चीफ पोस्ट मास्टर जनरल से अभद्रता शुरू कर दी। इस पर चीफ पोस्ट मास्टर जनरल को संदेह हुआ। उन्होंने कॉल काटने के बाद मंत्री सुरेश राणा के कार्यालय में कॉल कर मामले की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि राहुल रावत नाम का कोई भी व्यक्ति सुरेश राणा के दफ्तर में काम नहीं करता है। स्थिति स्पष्ट होने के बाद चीफ पोस्ट मास्टर जनरल ने निजी सचिव को मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा था। जिस पर 17 सितंबर को हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। पोस्ट मास्टर की तरफ से दी गई तहरीर में लिखा है कि पहले भी अनुकंपा नियुक्ति को लेकर उन्हें अलग-अलग नाम से कॉल किए गये थे।