अगले माह होने जा रही तीसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) में 865 एमएसएमई इकाइयां 3586 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। इससे करीब 50 हजार रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सरकार का जोर ज्यादा से ज्यादा एमएसएमई इकाइयों की स्थापना पर है।
राज्य सरकार 3 जून को तीसरा शिलान्यास समारोह (जीबीसी) का आयोजन करने जा रही है। इसमें 75,000 करोड़ रुपये से अधिक की 1,500 परियोजनाओं को शुरू करने की योजना है। इसमें से सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) क्षेत्र का योगदान लगभग 3586 करोड़ का होगा। अधिकारियों का दावा है कि इससे अकेले एमएसएमई सेक्टर में 48,766 रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सबसे ज्यादा 283 एमएसएमई इकाइयां मेरठ में स्थापित होंगी। वहां 702 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसके बाद अयोध्या में 915 करोड़ के निवेश से लगभग 128 इकाइयां स्थापित होंगी।
- इस मौके पर शुरू होने वाली अन्य प्रमुख परियोजनाओं में अदाणी व हीरानंदानी समूहों के क्रमश: 4,900 करोड़ और 9,100 करोड़ रुपये के डेटा सेंटर और माइक्रोसॉफ्ट के 2,100 करोड़ के सॉफ्टवेयर सेंटर शामिल हैं।
- डालमिया ग्रुप द्वारा मिर्जापुर में 600 करोड़ रुपये के सीमेंट निर्माण संयंत्र व हिंदुस्तान यूनिलीवर लि. के डिटर्जेंट प्लांट पर भी काम शुरू होगा।
आईटी व इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र से 21,000 करोड़ का निवेश
औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार समारोह में शुरू होने वाली परियोजनाओं में से 21,000 करोड़ का निवेश सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) व इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में प्रस्तावित है। इसके अलावा कपड़ा, पर्यटन, ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और फार्मा की कई अन्य परियोजनाएं भी शुरू होंगी।