धीरेंद्र प्रताप सिंह की फाइल फोटो।
लखनऊ। महाराणा प्रताप चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। एसटीएफ अब सियासी रंजिश की दिशा में भी छानबीन कर रही है। हत्या के पीछे कुछ सफेदपोशों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ की है। हालांकि, अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। यह पता लगाया जा रहा है कि धीरेंद्र की हत्या के पीछे मास्टरमाइंड कौन है।
छानबीन में सामने आया है कि पिछले कुछ माह से धीरेंद्र क्षेत्र में ज्यादा सक्रिय थे। उन्होंने जनसंपर्क भी बढ़ा दिया था और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुखर हो गए थे। सरकारी जमीनों पर कब्जे की शिकायत भी वह लगातार कर रहे थे। पुलिस ने बुधवार को 22 किलोमीटर के दायरे में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं। धीरेंद्र के चालक रवि और उसके साथी ओमकार से पूछताछ के आधार पर एसटीएफ ने कुछ संदिग्धों की सूची तैयार की है। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद से बांगरमऊ निवासी कुछ संदिग्ध भूमिगत हो गए हैं।
एसटीएफ ने संदिग्ध के संभावित ठिकानों पर दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। रवि की कॉल डिटेल के जरिये भी पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। पुलिस जमीन विवाद और धीरेंद्र की मौत से किसे लाभ मिल सकता है, इसके बारे में पड़ताल कर रही है।
उल्लेखनीय है कि धीरेंद्र को अगवा करने के बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने आरोपी चालक रवि और उसके साथी ओमकार को गिरफ्तार किया था। पुलिस रवि को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है।