इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने नगर महापालिका अधिकरण के पीठासीन अधिकारी की तैनाती के मामले में नियुक्ति व न्याय विभाग के प्रमुख सचिवों को 9 सितंबर को तलब किया है। न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी व न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन की खंडपीठ ने यह आदेश चंद्रपाल वर्मा की याचिका पर दिया। इसमें नगर महापालिका अधिकरण के पीठासीन अधिकारी की तैनाती के निर्देश राज्य सरकार को देने की गुजारिश की गई है। जिससे याची अपने केस को अधिकरण के समक्ष रखकर निस्तारित करवा सके।
याची का कहना था कि अधिकरण के प्रीसाइडिंग अफसर का पद दो साल से खाली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति ने इस पद पर तैनाती के लिए आगरा के एडीजे सुधीर कुमार चतुर्थ के नाम की अनुशंसा की थी। मगर बीते 26 अगस्त को राज्य सरकार ने पत्र लिखकर बगैर कोई कारण दिए हाईकोर्ट के महानिबंधक से इस पद पर नियुक्ति के लिए किसी अन्य न्यायिक अधिकारी का नाम भेजने का अनुरोध किया।
इस पर अदालत ने सख्त रुख अख्तियार कर कहा कि यह हमारी समझ से परे है कि आखिर क्यों और किस प्राधिकार के तहत हाईकोर्ट द्वारा उक्त पद पर तैनाती को अनुशंसित नाम के अलावा राज्य सरकार किसी अन्य न्यायिक अफसर का नाम भेजने को कह सकती है। इस सख्त टिप्पणी के साथ कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई पर 9 सितंबर को नियुक्ति व न्याय विभाग के प्रमुख सचिवों को संबंधित रिकॉर्ड के साथ सहयोग करने को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।