परिवादी के अधिवक्ता ने कहा कि नेहा सिंह राठौर देश विरोधी बयान देने की अभ्यस्त हैं। वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने देशद्रोह कानून को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की ओर से स्थगित किए जाने से परिवाद को दूषित बताया।
अपर सिविल जज (सीडि) चतुर्थ/ एसीजेएम एकता सिंह की अदालत में पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले पर दिए गए बयान को लेकर दाखिल परिवाद में बृहस्पतिवार को सुनवाई की गई।
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परिवाद दाखिल करने वाले ब्लॉक प्रमुख संघ के जिलाध्यक्ष शिवेंद्र सिंह व विपक्षी नेहा सिंह राठौर के अधिवक्ताओं ने दायर परिवाद पर तर्क पेश किए। परिवादी के अधिवक्ता ने नेहा सिंह राठौर के आतंकी हमलों पर दिए गए बयान को देशद्रोह बताया और देश विरोधी बयान देने का आदतन अभ्यस्त बताया।
वहीं नेहा राठौर की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने देशद्रोह कानून को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की ओर से स्थगित किए जाने से परिवाद को दूषित बताया। न्यायालय ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद पत्रावली में आदेश पारित करने के लिए छह मई की तारीख नियत कर दिया।
अंबेडकरनगर के महरुआ क्षेत्र के पकड़िया गांव निवासी लोक गायिका नेहा सिंह राठौर के विरुद्ध देश विरोधी बयान सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप लगाते हुए परिवाद दायर किया है।