गन्ना मूल्य, महंगाई या अन्य मुद्दों के लिए सड़कों पर प्रदर्शन की अभी योजना ही बना रही सपा ने अचानक सियासी रण में ताल ठोक दी है। पार्टी ब्लॉक प्रमुख चुनाव के नामांकन में सपा प्रत्याशियों के साथ हुई बदसलूकी को बड़ा हथियार बनाने की तैयारी कर रही है।
यही नहीं, इसके जरिए आंदोलन का शंखनाद करने की भी योजना है। खासतौर से महिलाओं के साथ हुए दुर्व्यवहार पर सपा मंथन कर रही है। इसे आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मुद्दा बनाकर प्रदेश भर में पार्टी कार्यकर्ताओं को सड़कों पर उतारने की तैयारी की जा रही है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सपा आरोप लगाती रही है कि सत्ता पक्ष सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। पर, इसके विरोध में सड़कों पर उतरने की योजना को अंजाम नहीं दे सकी। दरअसल, इस चुनाव में गिने-चुने प्रत्याशी थे।
वहीं, इन पर किसी तरह के दबाव की सीधी कोई सूचना नहीं आई थी। मगर ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में सीन ही बदल गया। नामांकन के दिन प्रदेश भर में भाजपा व सपा के बीच हिंसक झड़पें हुईं तो उसने सपा को एक नया मुद्दा दे दिया।
खासतौर पर लखीमपुर खीरी के पसगवां ब्लॉक परिसर में प्रत्याशी रितु सिंह और उनकी प्रस्तावक अनीता यादव के साथ हुई बदसलूकी पर अब सपा आक्रामक हो गई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में आंदोलन का एलान भी कर दिया है। ब्लॉक मुख्यालयों पर 15 जुलाई को प्रदर्शन होगा। बाद में देर शाम इसमें अन्य मुद्दे भी जोड़ दिए।
अब यह प्रदर्शन बढ़ती महंगाई, बिगड़ी कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, कृषि कानून, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, कार्यकर्ताओं पर फर्जी केस, महिलाओं से दुर्व्यवहार और सत्ता के दुरुपयोग के विरोध में होगा। सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने पार्टी पदाधिकारियों को प्रदर्शन की पूरी तैयारी करने और सभी कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन में पहुंचने के लिए कहा है।