प्रमुख सचिव गृह ने कहा है कि सभी नोडल अधिकारी तीन सप्ताह के भीतर अपने जिलों में ऐसे गांव, या क्षेत्र या सब डिवीजन चिन्हित करेंगे जहां पिछले पांच साल में भीड़ के द्वारा लिंचिंग की घटनाएं हुई हों।
डीजीपी मुख्यालय पर आईजी स्तर के अधिकारी को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा। ये अफसर जिलों से सूचनाएं संकलित कर शासन को भेजेंगे। राज्य स्तर पर डीजीपी 3 माह में डीजी अभिसूचना और नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा करेंगे। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए के तहत कार्रवाई होगी।