लखनऊ। जनसभा के बाद बिना अनुमति जुलूस निकालने के दौरान पथराव कर अधिकारियों को घायल करने के तीस वर्ष पुराने मामले में कोर्ट में हाजिर होने से बच रहे आरोपी इच्छा राम ने एमपी/ एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय की कोर्ट में आत्म समर्पण कर दिया। उसे न्यायिक हिरासत में लेकर 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है।
पत्रावली के अनुसार, 30 साल पुराने इस घटना की रिपोर्ट 22 फरवरी 1991 को इंस्पेक्टर हजरतगंज आरपी सिंह द्वारा पूर्व विधान परिषद सदस्य समर पाल सिंह व 52 अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। घटना के समय समरपाल सिंह उत्तर प्रदेश जनता युवा दल के अध्यक्ष थे। दर्ज रिपोर्ट में कहा गया कि एमएलसी समर पाल सिंह ने अपने साथियों के साथ दया निधान पार्क लालबाग में एक जनसभा का आयोजन कर विधानसभा तक जुलूस बिना अनुमति के निकाला था। आरोप है कि सभी लोगों ने एक राय होकर ईंट-पत्थर चलाकर अपर नगर मजिस्ट्रेट एवं अन्य पुलिसकर्मियों को गंभीर रूप से घायल कर बसो में तोड़फोड़ की थी। आरोपी समर पाल सिंह की मृत्यु हो चुकी है।