निर्माण ध्वस्त करने के बाद सामान जब्त करती पुलिस।
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कोतवाली क्षेत्र लंभुआ के सखौली कला निवासी डॉ. घनश्याम तिवारी की शनिवार को हत्या कर दी गई थी। रविवार को शव मिलने के बाद परिजनों ने अपनी मांगों को लेकर अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया था। देर रात तक मान-मनौवल चलता रहा। अंत में परिवार की सुरक्षा व शस्त्र लाइसेंस, जमीन पर तत्काल कब्जा, पत्नी को नौकरी, एक करोड़ मुआवजा, अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा बुलडोजर की कार्रवाई की मांग लिखित में स्वीकार लिए जाने पर परिजन अंतिम संस्कार को राजी हो गए।
छह सूत्री मांगपत्र पर जयसिंहपुर विधायक राजबाबू उपाध्याय, विधायक सीताराम वर्मा, पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी व जिलाध्यक्ष डॉ. आरए वर्मा ने भी हस्ताक्षर किए। इसके बाद डीएम का हस्ताक्षर होने के बाद सोमवार सुबह शव का अंतिम संस्कार किया गया।
धोपाप घाट पर आठ वर्षीय पुत्र तत्सत ने जब चिकित्सक के शव को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। घाट पर विधायकों के अलावा सांसद प्रतिनिधि रंजीत सिंह, पूर्व सपा विधायक संतोष पांडेय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पृथ्वी पाल यादव मौजूद रहे। एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने चिकित्सक के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढ़स बंधाया।
आरोपी के पिता को भेजा जेल
अधिवक्ता आजाद अहमद हत्याकांड और चिकित्सक हत्याकांड में कार्य के प्रति शिथिलता के कारण नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राम अशाीष उपाध्याय को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ जांच भी की जा रही है।मुख्य आरोपी के पिता जगदीश नारायन को भी चिकित्सक की हत्या के आरोप में जेल भेज दिया गया है। - सोमेन बर्मा, पुलिस अधीक्षक
आरोपी अजय नारायन सिंह की सरकारी जमीन पर बनी संपत्तियों को ध्वस्त करवा दिया गया है। करीब चार करोड़ की संपत्ति मुक्त कराई गई है और विवादित जमीन की पैमाइश करवाकर चिकित्सक के परिवार को कब्जा दिला दिया गया है। नारायनपुर गांव व आसपास अवैध कब्जों की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है जो ऐसे निर्माण ध्वस्त कराएगी।- जसजीत कौर, जिलाधिकारी