तीन वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने के मामले में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पवन कुमार शर्मा ने शुक्रवार को आरोपी वृद्घ को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास व 22 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माना की 75 फीसदी धनराशि पीड़ित बच्ची को देने का आदेश दिया है। मामला कोतवाली नगर से जुड़ा है।
कोतवाली नगर क्षेत्र के एक मोहल्ले की महिला शहर में स्थित एक सरकारी कॉलोनी में अपनी तीन वर्ष की बच्ची के साथ रहती थी। 11 फरवरी 2021 को बच्ची कॉलोनी के बाहर खेल रही थी। उसी कॉलोनी में रहने वाला 60 वर्षीय वहरू उर्फ अय्यर बच्ची को बुलाकर अपने कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया था। बच्ची को ढूंढते हुए उसकी मां आरोपी के कमरे में पहुंची तो उसे आपत्तिजनक हालत में देखा था। आरोपी ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी थी।
पुलिस ने पीड़िता की मां की तहरीर पर आरोपी वहरू उर्फ अय्यर के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता रमेशचंद्र सिंह ने घटना को साबित करने के लिए दुष्कर्म पीड़िता समेत चार गवाहों को कोर्ट में पेश किया। शुक्रवार को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पवन कुमार शर्मा ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी वहरू उर्फ अय्यर को दोषी मानते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास व 22 हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंड़ित कर जेल भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जुर्माना की 75 फीसदी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
छह माह में सुना दिया फैसला
मासूम के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी वहरू उर्फ अय्यर के खिलाफ पुलिस ने 15 फरवरी 2021 को केस दर्ज किया था। उसी दिन आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सरकारी वकील रमेशचंद्र सिंह बताते हैं कि अभियुक्त को मुकदमे के दौरान जमानत नहीं मिल पाई थी। कोर्ट ने एक नवंबर 2021 को अभियुक्त पर आरोप (चार्ज) तय किया था। अभियोजन पक्ष का साक्ष्य समाप्त होने के बाद अभियुक्त का बयान आठ अप्रैल 2022 को दर्ज किया गया था। पिछले 28 अप्रैल को कोर्ट ने बहस सुनी थी। महज छह सुनवाई के बाद कोर्ट ने शुक्रवार को अपना फैसला सुना दिया।