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बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग पर अड़े किसान, कहा-हमें जेल भेजो या डिफॉल्टर चीनी मिल मालिकों को

Sun, 15 Sep 2019 12:06 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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hungama - फोटो : amar ujala
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मेरठ मंडल की गन्ना रिजर्वेशन बैठक में शनिवार को भारी हंगामा हुआ। बैठक शुरू होते ही किसान बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने की मांग पर अड़ गए। उन्होंने कहा कि हमें जेल भेजो या डिफॉल्टर चीनी मिलों को। किसानों के हंगामे के चलते बैठक डेढ़ घंटा बाधित रही। 

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डालीबाग स्थित गन्ना किसान संस्थान में मेरठ मंडल के पांच जिलों की गन्ना रिजर्वेशन बैठक शुरू होते ही किसानों ने बकाया भुगतान की मांग शुरू कर दी। सिंभावली, बृजनाथपुर, मोदीनगर व किनौनी शुगर मिल क्षेत्र के किसान ज्यादा मुखर थे। गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी के पूछने पर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सिंभावली चीनी मिल पर 65 फीसदी, रघुनाथपुर पर 58 प्रतिशत और मोदीनगर मिल पर पिछले साल का 75 फीसदी से ज्यादा गन्ना मूल्य बकाया है। 

किसानों ने कहा कि इससे भी ज्यादा बकाया है। भूसरेड्डी ने कहा कि सिंभावली व रघुनाथपुर चीनी मिल की आरसी जारी की जाएगी और आवश्यक वस्तु अधिनियम 3/7 के तहत कार्रवाई की जाएगी। किसान इससे संतुष्ट नहीं हुए। वे मंच पर बोल रहे भूसरेड्डी के सामने ही धरना देकर बैठ गए।
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किसानों का कहना था कि उन्हें न तो गन्ना मूल्य भुगतान कराया जा रहा है और न ही बकाया राशि पर ब्याज दिलाया जा रहा है। अफसरों को केवल शुगर लॉबी की फिक्र है, किसानों की नहीं। जब तक अफसरों का साल भर तक वेतन नहीं रोका जाएगा, उन्हें किसानों का दर्द महसूस नहीं होगा। लागत बढ़ती जा रही है, लेकिन सरकार ने न तो गन्ना मूल्य बढ़ाया और न ही समय से भुगतान कराया। गन्ना आयुक्त ने बकाया भुगतान के लिए कड़ी कार्रवाई की घोषणा की तब जाकर किसान शांत हुए और बैठक शुरू हुई। 

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गन्ना समितियों के प्रस्तावों पर दिए जाएं क्रय केंद्र

समितियां संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र प्रमुख ने बैठक शुरू होते ही ब्याज समेत बकाया भुगतान की मांग उठाई।  उन्होंने कहा कि पर्ची प्रिंट करने का अधिकार पहले की तरह समितियों को दिया जाए। कई किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि गन्ना समितियों ने जो प्रस्ताव भेजे हैं, उन्हीं के अनुरूप क्रय केंद्र निर्धारित किए जाएं।  

डिफॉल्टर मिलों का गन्ना क्षेत्र काटा जाए  
सरधना के विधायक संगीत सोम और गढ़मुक्तेश्वर के विधायक कमल मलिक ने कहा कि जो चीनी मिलें बकाया भुगतान दबाए बैठी हैं, उनका गन्ना क्षेत्र काटकर नजदीकी मिलों को आवंटित किया जाए। संगीत सोम ने कहा कि रिजर्वेशन बैठक लखनऊ के बजाय मंडल स्तर पर होनी चाहिए।
 
चेयरमैन व गन्ना आयुक्त में आरोप-प्रत्यारोप
मलकपुर समिति के चेयरमैन धूमसिंह तोमर ने गन्ना आयुक्त पर चीनी मिलों से साठगांठ का आरोप लगाया। जवाब में गन्ना आयुक्त ने धूमसिंह पर ही आरोप मढ़े। कहा कि तोमर ने पिछले वर्ष चीनी मिल अधिकारी से मिलकर बोर्ड का एक प्रस्ताव उनके पक्ष में देकर कोर्ट में रिट दायर कराई। इससे कई माह तक किसानों का भुगतान अटका रहा।  
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