डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा
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प्रदेश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एक हजार करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड बनाया जाएगा। इसका उपयोग नया उद्यम शुरू करने वाले लोगों की मदद में किया जाएगा। इसकी घोषणा उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शनिवार को स्टार्टअप कॉन्क्लेव में की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग ने अगले पांच साल में पांच लाख युवाओं को रोजगार मुहैया कराने का लक्ष्य रखा है। इसका बड़ा हिस्सा नए उद्यमों (स्टार्टअप) के माध्यम से ही आएगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही स्टार्टअप नीति लाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को वित्तीय सहायता मुहैया कराने के साथ-साथ उन्हें विशेषज्ञों की सलाह दिलवाना भी होगा। प्रदेश के बदले माहौल में आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की कंपनियां बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं। इससे जहां सरकार को राजस्व मिलेगा, वहीं युवाओं को रोजगार के अधिकाधिक अवसर भी उपलब्ध होंगे। इस दौरान स्टार्टअप के बारे में आम लोगों को जानकारी देने के लिए स्टार्टअप एक्सप्रेस मोबाइल वैन भी रवाना की गई। यह वैन प्रदेश के हर हिस्से में जाएगी।
स्टार्टअप्स के लिए फंड मुहैया करवाने वाले इंडिया एंजेल नेटवर्क के संस्थापक डॉ. सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि रोजगार मुहैया कराना एक बड़ी चुनौती है। इसे स्टार्टअप के माध्यम से दूर किया जा सकता है। एक रिपोर्ट के हवाले से उन्होंने कहा कि अगले 7 साल में परंपरागत क्षेत्रों की 60 प्रतिशत से ज्यादा नौकरियां खत्म हो जाएंगी। ऐसे में भारत को अमेरिका की तर्ज पर स्टार्टअप पर जोर देना होगा। इस क्षेत्र में उन्होंने केरल और कर्नाटक के मॉडल भी सामने रखे।
स्टार्टअप की जानीं मुश्किलें
इस अवसर पर 40 से ज्यादा स्टार्टअप की प्रदर्शनी लगाई गई थी। उप मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी देखी और युवाओं से स्टार्टअप शुरू करने में आने वाली मुश्किलों की जानकारी ली। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्टार्टअप नीति में इन दिक्कतों को दूर करने के प्रावधान किए जाएंगे। इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स राज्यमंत्री अजीत पाल सिंह और अपर मुख्य सचिव, आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक सिन्हा भी उपस्थित रहे।
अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्टार्टअप सम्मानित
इस अवसर पर प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले स्टार्टअप्स को सम्मानित किया गया। बेस्ट स्टार्टअप का अवॉर्ड ‘कुल सफारी’ की डायरेक्टर शैंपा सहाय को दिया गया। शैंपा ने हर रेसिपी के लिए एक मसाला तैयार किया है। उन्हें 2 लाख रुपये का चेक और मेमेंटो दिया गया।
दूसरे स्थान पर रहे ‘इनटैलो सफर’ स्टार्टअप को 1.5 लाख रुपये और तीसरे स्थान पर रहे ‘वीटाजोन’ को 1 लाख रुपये का चेक दिया गया। आइडिएशन के क्षेत्र में कानपुर फ्लोरा साइक्लिंग को बेस्ट स्टार्टअप का अवॉर्ड दिया गया। नीर एग्री वेंचर्स फर्स्ट रनर अप और एडवेक्टो लीगल सॉल्यूशंस सेकंड रनर अप रहे।
बेस्ट वूमेन एंटरप्रेन्योर का अवॉर्ड ‘ट्रैश कैश’, बेस्ट सोशल इंपैक्ट का अवॉर्ड ‘देवनागरी’ और ‘ईडी कैप्टन’ स्टार्टअप को दिया गया। बेस्ट स्टूडेंट का अवॉर्ड ‘सब रूम’ को मिला। वूमेन सेफ्टी एप बनाने के लिए लाडली एप की संस्थापक स्निग्धा सक्सेना को सम्मानित किया गया।