मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में सरकार ने पिछले साल 54 लाख श्रमिकों-कामगारों को राशन व भरण-पोषण भत्ता उपलब्ध कराया था। इस साल भी श्रमिक, कामगार, स्ट्रीट वेंडर जैसे रोजाना कमाकर जीविका चलाने वाले लोगों को भरण-पोषण भत्ता दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों के लिए उत्तर प्रदेश कामगार और श्रमिक (सेवायोजन एवं रोजगार) आयोग का गठन किया गया है, जो श्रमिकों के हितों को संरक्षित करने और उन्हें रोजगार मुहैया कराने का काम कर रहा है। दुर्भाग्यवश किसी श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता हो जाने पर 2 लाख रुपये के सुरक्षा बीमा कवर और 5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा कवर की व्यवस्था की गई है।