कहते हैं कि मर्द को दर्द नहीं होता। पर, कई मायनों में पुरुष, महिलाओं से ज्यादा इमोशनल होते हैं। अपने इमोशन के कारण ही कई बार जिंदगी भर दर्द झेलते हैं और ऐसे ही किसी दर्द को गले लगा कर अपनी जिंदगी तक खत्म कर लेते हैं।
पुरुषों का यह दर्द नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा 2014 की रिपोर्ट से साफ बयां हो रहा है। आंकड़े बता रहे हैं कि कानपुर में विभिन्न मामलों में 73 पुरुषों ने मौत को गले लगाया, इनमें पारिवारिक कारणों से 37 पुरुषों ने सुसाइड किया।
‘इंटरनेशनल मेंस डे’ पर हमने आंकड़े देखे तो पाया कि महिलाओं की अपेक्षा पुरुष अधिक सुसाइड करते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार देश में 30 से 45 साल के पुरुष सबसे ज्यादा सुसाइड करते हैं।
इस साल 30 साल तक के 27343 और 45 साल तक के 30659 पुरुषों ने सुसाइड किया। जबकि 30 साल की उम्र में महिलाओं के सुसाइड का आंकड़ा 17527 और 45 साल की उम्र की महिलाओं का आंकड़ा 11723 है।