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यूपी विधानसभा चुनाव में सपा की तैयारी : आज साइकिल पर सवार होंगे बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के बड़े भाई सिब्कातुल्लाह अंसारी

Sat, 28 Aug 2021 06:58 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

पूर्वांचल की सियासत में खासा दखल रखने वाले बसपा के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के बड़े भाई सिब्कातुल्लाह अंसारी शनिवार को समर्थकों के साथ सपा की सदस्यता लेने जा रहे हैं।
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मुख्तार अंसारी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पूर्वांचल की सियासत में खासा दखल रखने वाले बसपा के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के बड़े भाई सिब्कातुल्लाह अंसारी शनिवार को समर्थकों के साथ सपा की सदस्यता लेने जा रहे हैं। उन्हें सुबह 10 बजे पार्टी कार्यालय बुलाया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि बड़े भाई के जरिए नए दल में अंसारी परिवार का सियासी सफर शुरू होगा।

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सिब्कातुल्लाह अंसारी गाजीपुर के मोहम्मदाबाद विधानसभा सभा क्षेत्र से 2007 में सपा और 2012 में कौमी एकता दल से विधायक रहे। 2017 में बसपा से मैदान में उतरे, लेकिन पराजय का सामना करना पड़ा। पंचायत चुनाव के दौरान ही अंसारी बंधुओं के हाथी से उतर कर साइकिल पर सवार होने की रणनीति तैयार की गई। कई दौर की बातचीत भी हो गई।

विधानसभा चुनाव के लिए फूंक-फूंक कर कदम रख रही सपा ने बसपा विधायक मुख्तार अंसारी और सांसद अफजाल अंसारी को पार्टी की सदस्यता दिलाने से अभी परहेज कर रही है। ऐसे में बीच का रास्ता निकालते हुए उनके बड़ भाई सिब्कातुल्लाह अंसारी को सदस्यता दिलाई जा रही है। सिब्कतुल्लाह ने स्वीकार किया कि वह समर्थकों के साथ शनिवार को सपा की सदस्यता लेंगे। उनके साथ बसपा सहित विभिन्न दलों के करीब दो दर्जन वरिष्ठ नेता भी सपा में शामिल होंगे। पूर्वांचल की करीब 10 सीटों पर अंसारी बंधुओं का प्रभाव बताया जाता है।
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चौधरी भी तैयार
सपा सूत्रों का कहना है कि शनिवार को मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव सरकार में मंत्री रहे अंबिका चौधरी भी विधिवत सपा की सदस्यता ले सकते हैं। वह 1993 से लगातार कोपाचीट (अब फेफना) विधानसभा सीट से विधायक रहे। वर्ष 2012 में भाजपा के उपेंद्र तिवारी से चुनाव हारे। 2017 में बसपा के टिकट पर फेफना से चुनाव लड़े, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने बसपा से इस्तीफा दे दिया था। पंचायत चुनाव के दौरान उनके बेटे आनंद चौधरी ने सपा की सदस्यता ली और जिला पंचायत अध्यक्ष बन गए। तभी से अंबिका के लौटने की चर्चा थी।

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