लखनऊ जंक्शन और मेट्रो के दुर्गापुरी स्टेशन के बीच यात्रियों को स्काईवॉक की सुविधा मिलेगी। इससे मेट्रो से उतरने वाले यात्री सीधे स्टेशन पहुंच जाएंगे। इस स्काईवॉक पर यात्रियों के लिए टिकट घर व फूड प्लाजा होगा, ताकि वे यात्रा के दौरान खाने-पीने का सामान भी खरीद सकें।
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यह स्काईवॉक फुटओवर ब्रिज, एस्केलेटर व लिफ्टों से जुड़ा होगा, जिससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म से चढ़ने-उतरने में भी दिक्कतें नहीं होंगी। यह कहना है पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्र का। वह शनिवार को लखनऊ दौरे पर आए थे।
सुबह ऐशबाग में आरपीएफ की नई बैरक का उद्घाटन करने के बाद लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि जंक्शन को मेट्रो के दुर्गापुरी स्टेशन से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर छह पर एस्केलेटर लगाए जा रहे हैं। जबकि प्लेटफॉर्म नम्बर 4-5, 2-3 व एक पर कुल तीन लिफ्टें लगाई जाएंगी, जो दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन जाने वाले फुटओवर ब्रिज से जुड़ेंगी।
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हर प्लेटफॉर्म पर लगेंगे रिजवेशन चार्ट
इसके अतिरिक्त जंक्शन के हर प्लेटफॉर्म पर दो-दो कम्प्यूटरीकृत रिजर्वेशन चार्ट लगाए जाएंगे। पुष्पक के यात्रियों को धूप में इंतजार करना पड़ता है, इसलिए वहां छांव की व्यवस्था की जाएगी और बोगियों की पोजिशनिंग के लिए कोच इंटीग्रेशन बोर्ड प्लेटफॉर्मों पर लगेंगे।
इससे पहले महाप्रबंधक ने ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर चल रहे अमान परिवर्तन व निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि ऐशबाग में रिटायरिंग रूम, कैफेटेरिया, फुटओवर ब्रिज, एस्केलेटर लगाए जाएंगे।
उन्होंने लखनऊ सिटी स्टेशन व बादशाहनगर स्टेशन का भी दौरा किया और यात्री सुविधाओं को भी जांचा-परखा। इस दौरान डीआरएम आलोक सिंह, सीनियर डीसीएम नीलिमा सिंह व पीआरओ आलोक श्रीवास्तव भी साथ रहे।
'स्कॉइवॉक' के फायदे
- मेट्रो से दुर्गापुरी स्टेशन उतरने वाले यात्री सीधे लखनऊ जंक्शन पहुंच सकेंगे।
- यात्रियों को मिलेगी टिकट घर व फूड प्लाजा की सुविधा।
- फुटओवर ब्रिज, एस्केलेटर व लिफ्टों से होगा स्काइवॉक।
जयपुर तक डबल डेकर दौड़ाने में अड़ंगा
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महाप्रबंधक राजीव मिश्र ने कहा कि लखनऊ से दिल्ली तक चलने वाली डबल डेकर ट्रेन को जयपुर तक दौड़ाने में अभी वक्त लगेगा। दरअसल, उत्तर रेलवे की वजह से ट्रेन दिल्ली से आगे नहीं बढ़ पा रही है। जल्द ही उत्तर रेलवे अधिकारियों के साथ बैठकर इस मसले का हल निकाला जाएगा, ताकि यात्रियों को सुविधाएं मिल सकें।
लखनऊ-गोंडा के बीच डेमू अटकी
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ व गोंडा के बीच डेमू चलाने को लेकर प्रयासरत रहा है, पर अभी इसमें वक्त लगेगा। जीएम ने बताया कि एनईआर ने रेल मंत्रालय से 47 डेमू मांगी थीं, जिसमें से 8 मिली हैं।
ये डेमू बनारस व लखनऊ डिवीजन में गोरखपुर व गोंडा के बीच चल रही हैं। चूंकि, मेमू शेड के लिए हम उत्तर रेलवे पर निर्भर हैं, इसलिए दिक्कतें पेश आ रही हैं। बाराबंकी-गोंडा तक डेमू चलाने के लिए रेलवे बोर्ड को पत्र लिखा है, जिस पर जल्द फैसला होने की उम्मीद है।
बदलनी है ‘छोटी लाइन’ की इमेज
जीएम ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) की इमेज छोटी लाइन की बनी हुई है, जिसे बदलने का प्रयास जारी है। एनईआर में 1130 किलोमीटर मीटरगेज था, जिसमें से अब 920 किमी बचा हुआ है। इस वर्ष ऐशबाग-सीतापुर, बहराइच मैलानी समेत करीब 250 किमी को ब्रॉडगेज किया जा रहा है। यह काम अगले साल मार्च तक पूरा हो जाएगा। लक्ष्य है कि 2019 से पहले एनईआर पूरी तरह से ब्रॉडगेज हो जाए।
छोटी लाइन होने की वजह से एनईआर में मालगाड़ियां नहीं चल पाती, इससे राजस्व की हानि होती है। रोजा से सीतापुर तक मालगाड़ियों को दौड़ाने की व्यवस्था है।
सीतापुर से बुढ़वल के बीच मालगाड़ियां चलाने के लिए रैक, स्लीपर वगैरह का बंदोबस्त हो चुका है। रेलवे बोर्ड की अनुमति के बाद इस रूट पर मालगाड़ियां चलने लगेंगी। जिससे लम्बी दूरी की मालगाड़ियां रोजा से बुढ़वल तक चलेंगी, जिससे पूर्वोत्तर रेलवे को राजस्व लाभ होगा।
आरपीएफ को मिला नया बैरक
लखनऊ जंक्शन से पूर्व जीएम ने ऐशबाग में आरपीएफ केनए बैरक का उद्घाटन भी किया। साथ ही बैरक की मेस व साफ-सफाई का भी दौरा किया और कहा कि आउटसोर्सिंग से कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।
बिल्डिंग केलिए कई साल पहले 29 लाख रुपये जारी हुए थे तथा बैरक तैयार होने के बाद चार बार उद्घाटन पोस्टपोन किया गया। इतना ही नहीं अधिकारियों ने बताया कि 50 साल के इतिहास में पहली बार कोई जीएम बैरक में पहुंचा था।