दो मिनट में तैयार होने वाली मैगी आपकी सेहत को बरसों न ठीक होने वाली बीमारी दे सकती है। मोनोसोडियम ग्लूटामेट(एमएसजी) और अधिक सीसे की वजह से यह न केवल सिर दर्द दे सकती है, बल्कि किडनी तक को नुकसान पहुंचा सकती है।
फिजिशियन डॉ. प्रदीप सिंह बताते हैं कि चाइनीज खिलौनों को हम बच्चों से इसीलिए दूर रखने की सलाह देते हैं कि उनमें सीसे यानी लेड की मात्रा अधिक होती है।
यह लेड हाथ में लगने या मुंह से खिलौने को पकड़ने की वजह से बच्चे के शरीर में जाता है। अब जब यह खाने में ही आने लगे तो निश्चित तौर पर सेहत के लिए बेहद खतरनाक है।
दूसरी ओर एमएसजी के खतरे भी अब मेडिकल साइंस में सामने आने लगे हैं। 1960 तक अमेरिका में इसे सुरक्षित माना जाता था, लेकिन नए शोधों में इसे बच्चों और बड़ों दोनों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक पाया गया।
मैगी मसाले में पड़े एमएसजी से खतरे
- मुंह में जलन पैदा करता है, इससे खाने से सिर और गले में भी जलन होती है।
- बच्चों में यह अस्थमा पैदा कर सकता है, या अस्थमा प्रभावितों में रोग बढ़ा सकता है।
- नर्व क्षतिग्रस्त हो सकती है, चेहरा सख्त हो सकता है।
- फोर-आर्म और गले की नसें भी सख्त हो सकती है, इन हिस्सों की संवेदना कम हो सकती है या पूरी तरह खत्म हो सकती है।
- सुबह के समय सिर में दर्द और पेट दर्द व पेट में गड़बड़ महसूस होती है।
- इसकेअलावा त्वचा का लाल होना, एलर्जी की वजह से सिरदर्द व रिएक्शन हो सकती है।
लेड से खतरा बच्चों में
- गर्भस्थ शिशु की प्री-मैच्योर डिलीवरी हो सकती है।
- बच्चों का विकास धीमा हो जाता है क्योंकि उनके शरीर ज्यादा तेजी से लेड को सोखते हैं।
- पेट में दर्द, उल्टियां, वजन घटने, जैसी चीजें हो सकता है।
- गंभीर स्थितियों में उनकी किडनी पर असर होगा और लर्निंग डिसएबिलिटी आ सकती है।
और बड़ों में
- ब्लड प्रेशर बढ़ा देता है ।
- पाचन क्षमता खराब हो जाती है।
- नर्व डिसऑर्डर
- याददाश्त कमजोर हो सकती है
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
एफएसडीए को मैगी के सैंपल में क्या मिला
सीसा: स्वीकार्य मात्रा से 7 गुना। यह 17.2 पीपीएम पाया गया है। जबकि इसे 0.01 पीपीएम ही होना चाहिए।
एमएसजी : मोनोसोडियम ग्लूटामेट की मात्रा भी अधिक मिली।