रामालय ट्रस्ट ने मांग की कि ऐसे ट्रस्टियों को जो श्रीराम को अधर्म का साक्षात विग्रह बता रहे हैं, उन्हें बर्खास्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि तथाकथित ट्रस्ट और केंद्रीय सरकार द्वारा यदि 24 घंटे के अंदर इस लोगो को वापस नहीं लिया या सुधारा नहीं जाता है तो हमें बंदी की परवाह किए बिना आंदोलन के लिए बाध्य होना होगा।
लोगो को लेकर विवाद खड़ा होने के बाद श्रीराममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने गुरुवार की सुबह इसे लिपिकीय त्रुटि बताते हुए खेद जताया। साथ ही संशोधित लोगो जारी कर दिया।
राम मंदिर ट्रस्ट के लोगो में हनुमान जी के दो चित्र बने हुए हैं। इसे लेकर भी रामालय ट्रस्ट के सचिव ने आपत्ति उठाई है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का तर्क है कि हनुमान जी प्रभु राम के अनन्य भक्त हैं।
उनका बड़ा महत्व है, यह सब सही है, लेकिन राम जन्मभूमि में जन्म का जहां प्रसंग है, वहां हनुमान जी का चित्र लोगों में रखने का कोई औचित्य नहीं समझ में आता। यदि रखना भी है तो हनुमानजी का एक चित्र रखना चाहिए जबकि लोगो में दो-दो हनुमान जी के चित्र दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने सवाल किया है कि क्या ट्रस्ट दो हनुमान को मान्यता देना चाहता है?
उधर, श्रीराम जन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास कहते हैं कि लोगो में हनुमानजी के दो चित्र पर सवाल खड़ा करना बेवजह की बात है। यह कहां लिखा है कि हनुमानजी के दो चित्र नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि जो सवाल खड़ा कर रहे हैं वह आगे आकर शास्त्रीय प्रमाण देकर इसे गलत साबित करें।