फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुस्लिम संगठन ने आतंकियों पर रखा 5 करोड़ का ईनाम!

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ स्थित एक शिया संगठन ने दुनिया के पांच मोस्ट वांटेड आतंकी संगठनों के सरगनाओं के सिर पर एक-एक करोड़ रुपये का ईनाम रखा है। एक अंग्रजी दैनिक में प्रकाशित खबर के मुताबिक, इनमें अल कायदा, द तालिबान, हरकत-उल-मुजाहिदीन और आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठन शामिल हैं।
विज्ञापन


ऑल इंडिया शिया हुसैनी फंड के महासचिव सैयद हसन मेंहदी ने बताया, 'हम एक चैरिटी संस्था हैं और पिछले 25 साल से आतंकवाद के खिलाफ जागरूकता फैला रहे हैं। हालांकि, इसका बहुत फायदा देखने को नहीं मिला है।'

हसन ने बताया कि पिछले दिनों अल कायदा चीफ ऐमन अल जवाहीरी ने आतंकवादी संगठन की भारत में सक्रिय टीम का एलान किया, जिसके बाद 6 सितंबर को एक मीटिंग बुलाकर हम सबने जवाहीरी व अन्य आतंकियों के सिर पर ईनाम रखने का फैसला किया।
विज्ञापन

हाफिज सईद, मुल्ला उमर और अजहर भी

शिया संगठन की ओर से जारी की गई लिस्ट में तालिबानी आ‌तंकी संगठन का प्रमुख मुल्ला उमर और आईएसआईएस का प्रमुख अबु बक्र अल-बगदादी भी शामिल है। गौरतलब है कि आईएसआईएस (अब आईएस) मिडल ईस्ट में मौजूद एक सुन्नी ‌जेहादी संगठन है, जिसने सभी शिया धर्मस्‍थलों को नेस्तनाबूत करने की धमकी दी है।

मुंबई बम धमाकों के बाद से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के राडार पर मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद भी इस लिस्ट में शामिल है। इसके अलावा, पहले हरकत उल-मुजाहिदीन का पुराना मॉड्यूल और मौजूदा वक्त में जैश-ए-मोहम्मद का चीफ मसूद अजहर के सिर पर भी एक करोड़ रुपये का ईनाम रखा गया है।

बता दें कि यह वही अजहर है ‌जिसे, 1999 में कंधार में हुए इंडियन एयरलाइंस के विमान अपहरण के दौरान यात्रियों की जान बचाने के लिए भारत सरकार को मजबूरन रिहा करना पड़ा था।
विज्ञापन

जानिए, कैसे जमा होगी इतनी बड़ी रकम

हसन ने कहा कि कई सालों से ये आतंकी मासूम जानें ले रहे हैं। इतना ही नहीं, ये इंसानों के साथ जानवरों से भी बुरा सुलूक करते हैं।

हसन ने जानकारी दी कि इन आतंकियों के सिर पर लगाए गए ईनाम के पोस्टर्स लखनऊ में आ चुके हैं और अब इन्हें हैदराबाद, दिल्ली, बंगलुरू और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी लगाया जा रहा है।

इतनी बड़ी रकम जुटाने के सवाल पर हसन ने बताया कि पहले कोई शख्श किसी आतंकी को मारे, उसके बाद रकम के बारे में देखा जाएगा। हसन ने बताया कि देशभर में छह करोड़ शिया मुसलमान रहते हैं और एक बार इनमें से एक भी आतंकी मारा गया, पैसा खुद-ब-खुद जमा हो जाएगा।

हसन ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सोशल मीडिया के जरिए आतंकियों तक भी इसकी खबर लग ही जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें