छेड़छाड़ के मामलों में सिम्पेथी नहीं इम्पेथी की जरूरत संस्था से जुड़ी मनोवैज्ञानिक वसुंधरा सिंह ने स्टूडेंट्स के साथ इंटरेक्टिव सेशन में छेड़छाड़ की घटनाओं में क्या करना चाहिए इस पर चर्चा की।
उन्होंने बताया कि अधिकतर केस इसलिए हो जाते हैं क्योंकि महिलाएं खुद वीमेन सिक्योरिटी के लिए बने कानूनों को इग्नोर करने के साथ पुलिस तक जाने से डरती हैं।
इसके अलावा एक बड़ा कारण लड़कियों को सेल्फ डिफेंस के टिप्स पता नहीं होना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी लड़की या महिला के साथ कोई घटना हो तो उनके साथ वालों को उसके साथ सिम्पेथी नहीं बल्कि इम्पेथी का भाव दिखाना चाहिए।
उसे सांत्वना देने की जगह उसके साथ कदम बढ़ाकर कार्रवाई करने में सहयोग करना चाहिए। डॉ. वसुंधरा ने कहा कि यदि किसी के साथ ऐसी घटना हो तो वह अपने अनुभव ब्लॉग पर शेयर करे, किसी और के साथ हो तो उसकी सहायता करे।
ऐसी घटनाओं के विरोध में हृयूमन चेन नेटवर्क बनाने के साथ खुद उसके प्रोटेस्ट में शामिल हो। कार्यक्रम के दौरान खुन-खुन जी गर्ल्स कॉलेज के प्राइमरी सेक्शन से लेकर पीजी तक के मेधावियों व एनसीसी कैडेट्स को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पीजी सेक्शन की प्रिंसिपल डॉ. उमा चौधरी, स्कूल की प्रिंसिपल शोभा सिंह, प्रबंधक उत्कर्ष अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।