राजधानी में धारा 144 (निषेधाज्ञा) एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब पांच जनवरी 2022 तक लोगों को इसके दायरे में रहना होगा। संयुक्त पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया ने मंगलवार को इसका आदेश जारी किया है। राजधानी में दो साल से लगातार यह सिलसिला चल रहा है। निषेधाज्ञा लागू होने से क्रिसमस व न्यू ईयर की पार्टी पुलिस की निगहबानी और उनकी अनुमति से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मनेगी। विधान भवन व उसके आसपास के एक किलोमीटर दायरे में विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इस दायरे में इक्का, तांगा, आग्नेयाश्त्र, ज्वलनशील पदार्थ लेकर जाना प्रतिबंधित रहेगा। वहीं सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने व अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस की नजर रहेगी। ऐसे लोगों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
8 नवंबर 2019 से शुरू हुआ सिलसिला
देश के सबसे चर्चित मामले अयोध्या राम मंदिर का फैसला नवंबर 2019 में आना था। इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए 8 नवंबर 2019 को लखनऊ ही नहीं पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई, ताकि किसी भी तरह कानून व्यवस्था प्रभावित न हो। इसके बाद से इस धारा का प्रयोग लखनऊ में लगातार किया जा रहा है। दो साल से इस धारा की अंतिम तारीख आने से पहले नया आदेश जारी हो जाता है। चाहे कोविड कॉल रहा हो या उसके बाद का समय, पुलिस व प्रशासन के लिए यह सबसे सुरक्षित हथियार बन गया है।
इन बातों का रखना होगा ध्यान
- सरकारी दफ्तरों व विधानभवन के आसपास एक किमी के दायरे में ड्रोन से शूटिंग प्रतिबंधित रहेगी।
- बिना अनुमति के पांच या उससे अधिक व्यक्ति न एक जगग इकट्ठा होंगे न जुलूस निकालेंगे।
- कोई भी व्यक्ति धर्म ग्रंथों का अपमान नहीं करेगा। धार्मिक स्थानों पर धार्मिक झंडे, बैनर-पोस्टर नहीं लगाएगा।
- खुले स्थान अथवा मकानों की छत पर ईंट, पत्थर, बोतल, ज्वलनशील पदार्थ जमा करके नहीं रखेगा।
- बिना मास्क पहने घूमने, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर कार्रवाई होगी।
- सार्वजनिक स्थानों पर पुतला जलाना प्रतिबंधित है।
- शादी व अन्य आयोजनों में बंद स्थानों पर एक समय में अधिकतम 100 लोग रहेंगे। कोविड हेल्प डेस्क जरूरी।