लखनऊ विश्वविद्यालय में चल रही स्नातक प्रवेश काउंसिलिंग में तकनीकी दिक्कतों का समाधान निकलता नहीं दिख रहा है। वहीं बीसीए में तो मेरिट के ही विद्यार्थी को सीट अलॉट नहीं करने का मामला सामने आया है। इसे लेकर छात्रों ने विवि प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खास ये कि विवि प्रशासन भी मान रहा है कि दिक्कत है, लेकिन वह इसका समाधान नहीं निकाल पा रहा है।
बीसीए के एक विद्यार्थी ने बताया कि वह ओबीसी कैटेगरी की मेरिट में है। उसने विवि द्वारा जिस दिन से च्वॉइस फिलिंग शुरू की गई, उसी दिन च्वॉइस फिल की और अपने डाक्यूमेंट भी अपलोड कर दिए। इसके बाद भी जब सीट अलॉटमेंट हुआ तो उसे सीट नहीं मिली। इसी तरह की शिकायतें कुछ अन्य विद्यार्थियों ने भी की हैं। वहीं शनिवार को बीए, बीएससी मैथ्स व बायो की च्वॉइस फिलिंग का आखिरी दिन था। छात्रों को अपनी च्वॉइस भरने आदि प्रक्रिया में काफी दिक्कत हुई।
प्रवेश समन्वयक प्रो. पंकज माथुर ने कहा कि ऐसी सूचना विद्यार्थी की तरफ से नहीं मिली है। इसे दिखवाया जाएगा और मेरिट के विद्यार्थी को सीट जरूर मिलेगी। जिन विद्यार्थियों ने मेल, फोन या फिजिकल संपर्क किया उनकी तकनीकी दिक्कत भी दूर करवाई गई है। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में हमने ईडब्ल्यूएस, फिजिकल हैंडीकैप आदि सर्टिफिकेट वेरिफाई न करवाने वाले विद्यार्थियों को 03 अक्तूबर को सुबह 11 से दोपहर 01 बजे के बीच लविवि बुलाया है। ताकि उनका दावा खराब न होने पाए।
सीटें 120, ब्रोशर में 60 का उल्लेख
लविवि प्रशासन ने नए सत्र 2021-22 में प्रवेश से पहले बीसीए की सीटें 60 से बढ़ाकर 120 करने का निर्णय लिया था। मगर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से वेबसाइट पर अपलोड किए गए ब्रोशर में बीसीए की 60 सीटों का ही उल्लेख है। इसे लेकर भी छात्र पसोपेश में हैं और वे इसके अनुसार अपनी सही स्थिति का आंकलन भी नहीं कर पा रहे हैं। इस पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन मौन है।
पीजी अभ्यर्थी अपलोड करें प्रमाण पत्र
लविवि प्रशासन ने सत्र 2021-22 की पीजीईटी-2021 प्रवेश के अभ्यर्थियों को सूचित किया है कि 03 से 05 अक्तूबर तक विवि की वेबसाइट के एडमिशन पेज पर जाकर अपने लॉगिन आईडी से प्रमाणपत्र अपलोड कर दें। अभ्यर्थियों को स्नातक के अंक व अंकपत्र, ओबीसी प्रमाणपत्र, एससी-एसटी प्रमाणपत्र, एससी-एसटी के अभ्यर्थियों जिन्होंने जीरो फीस का आवेदन किया है का आय प्रमाणपत्र अपलोड करना है।