सामान्य व अल्पसंख्यक छात्रों को भी मेरिट के आधार पर छात्रवृत्ति के साथ शुल्क की भरपाई होगी। इसके लिए मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति नियमावली में बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।
समाज कल्याण निदेशालय ने इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया है। दिसंबर में ही प्रस्तावित नई नियमावली शासन को भेज दी जाएगी।
हाल ही में पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संशोधित नियमावली जारी की गई है। इसके अनुसार, अन्य पिछड़ा वर्ग के उन्हीं छात्रों को छात्रवृत्ति मिलेगी, जिन्होंने गत वर्ष की परीक्षा न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो।
इसमें यह भी कहा गया है कि कक्षा-11 व 12 के अतिरिक्त दशमोत्तर पाठ्यक्रमों में अगर मानक के आधार पर राशि कम पड़ती है तो बजट की सीमा में यह प्रतिशत 50 से अधिक भी हो सकता है।
अगर राशि बचती है तो कक्षा-11 व 12 के 50 प्रतिशत से कम अंक पाने वालों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा। इसी तरह से कक्षा-11 व 12 को छोड़कर अन्य दशमोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत उन छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ दिया जाएगा, जिन्होंने पिछली कक्षा में न्यूनतम 65 प्रतिशत अंक हासिल किए हों।
इस मद में बजट कम पड़ने पर न्यूनतम प्रतिशत 65 से अधिक भी हो सकता है। वहीं बजट बचने पर न्यूनतम प्रतिशत 65 से कम भी हो सकता है, पर किसी भी दशा में यह 50 प्रतिशत से कम नहीं होगा।
इसके अलावा विभिन्न पाठ्यक्रमों में शुल्क भरपाई की अधिकतम सीमा 10 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक तय की गई है।