एलडीए की कानपुर रोड योजना में भवन आवंटन और रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां एक भवन की दो रजिस्ट्री सामने आई हैं।
शुरूआती जांच में जिस रजिस्ट्री के जाली होने की बात सामने आई है। वही मकान में कब्जा भी कर रहा है। एलडीए में जिस आवंटी के रिकॉर्ड मौजूद हैं। वह खुद एलडीए में शिकायत करता घूम रहा है।
खुद को मकान का आवंटन और एलडीए से रजिस्ट्री होने का दावा कर रहीं अलीगंज निवासी माधुरी अवस्थी का कहना है कि भवन संख्या 1/186 सेक्टर एम-1 में उनको 2006 में आवंटन हुआ।
सभी किश्त जमा होने के बाद उनकी रजिस्ट्री भी एलडीए से 2015 में हो गई। इस भवन पर अब अमित मधायन द्वारा कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
मकान के चारों तरफ बाउंड्री बनाकर घेरने की कोशिश पर माधुरी अवस्थी ने सचिव पवन गंगवार से शिकायत की है। सचिव से मांग की है कि फर्जी रजिस्ट्री कराने वाले के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें कब्जा दिलाया जाए। दोनों रजिस्ट्री की कॉपी भी उन्होंने सचिव को सौंपी हैं।
अमित मधायन की रजिस्ट्री कैसे हुई?
पूर्व संपत्ति अधिकारी राजीव कुमार ओएसडी का कहना है कि अमित मधायन की रजिस्ट्री 2014 में हुई। कानपुर रोड योजना का काम वह इस समय देख नहीं रहे थे। उनके हस्ताक्षर भी रजिस्ट्री पर नहीं हैं। यह हस्ताक्षर जाली हैं। ऑनलाइन भी एलडीए के पोर्टल पर भवन का आवंटी माधुरी अवस्थी ही दिखाई दे रही हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि कहीं यह कारनामा भी तो जाली दस्तावेजों का उपयोग कर एलडीए के बाहर ही रजिस्ट्री निबंधन कार्यालय से करा देने वाले गिरोह का तो नहीं है।
विधिक कार्रवाई की जाएगी
एलडीए के रिकॉर्ड में जिस आवंटी के दस्तावेज मौजूद हैं। उसको ही मकान मिलेगा। ऐसे जाली दस्तावेज बनाने और रजिस्ट्री कराने वाले आरोपियों के खिलाफ एलडीए सख्त कार्रवाई करेगा। ऐसे लोगों को चिह्नित कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- पवन गंगवार, सचिव, एलडीए