बनारस के पियरी चौक निवासी सराफा कारोबारी ओमप्रकाश रविवार को चौक में सोने व चांदी के जेवरात पहुंचाने आए थे।
रात को वापसी के वक्त उनके पास बचे करीब 20 लाख के जेवरात बदमाशों ने उड़ा लिए। पीड़ित ने स्थानीय लोगों की मदद से दो को पकड़ लिया और आलमबाग थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
प्रभारी निरीक्षक अमरनाथ विश्वकर्मा के मुताबिक, ओमप्रकाश चौक सराफा बाजार के व्यापारियों को जेवरात की आपूर्ति करते हैं।
ओमप्रकाश के मुताबिक, रविवार को वह बनारस से लखनऊ पहुंचे और चौक में कई कारोबारियों को आपूर्ति की।
इसके बाद शाम को चौक से टैंपो कर चारबाग स्टेशन फिर वहां से ऑटो से आलमबाग बस स्टेशन पहुंचे। इस दौरान उनके बैग में 18 किलो जेवरात और 10 किलो चांदी फाइन थी। वह पानी लेने के लिए बस से नीचे उतरे। वापस पहुंचे तो बैग गायब था।
ओमप्रकाश के मुताबिक, आसपास बैठे छह संदिग्ध सवारियां भी नीचे उतर गई थीं। तलाशते हुए बाहर निकले तो स्टेशन परिसर में ही दो युवक दिख गए।
स्थानीय लोगों की मदद से ओमप्रकाश ने उक्त युवकों को पकड़कर धुनाई की। सूचना पर पहुंचे आलमबाग बस स्टेशन चौकी प्रभारी दोनों युवकों को थाने ले गए। पूछताछ में दोनों ने चार साथियों के नाम व बैग लेकर भागने की बात कुबूली।
वारदात के एक दिन बाद दर्ज किया मुकदमा
ओमप्रकाश का आरोप है कि पुलिस को वारदात की सूचना रविवार रात करीब 10 बजे दे दी थी। देर रात को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने दूसरे दिन दोपहर बाद मुकदमा दर्ज किया। पुलिस फरार चार आरोपियों को अभी नहीं तलाश सकी है। ओमप्रकाश ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, फरार आरोपियों की तलाश में टीमें लगी हैं।
आंदोलन करने की चेतावनी
वारदात से नाराज सराफा एसोसिएशन चौक ने आंदोलन की चेतावनी दी है। एसोसिएशन के महामंत्री विनोद महेश्वरी के मुताबिक, पुलिस आरोपियों की तलाश में लापरवाही बरत रही है। माल भी बरामद नहीं किया है। जबकि दो आरोपियों को खुद कारोबारी ने ही पकड़कर पुलिस को सौंपा है। अगर चोरी गया माल बरामद नहीं होगा तो आंदोलन करेंगे।