सिंचाई विभाग में तबादलों में हुई गड़बड़ी और बढ़ती कमीशनखोरी की गाज सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह पर गिरी है। सूत्रों के मुताबिक सिंचाई विभाग में बीते दो वर्षों से तबादलों को गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं। विभाग में कमीशनखोरी और दलालों का सक्रिय होना भी सिंह को मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने की वजह बना।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल बेसिक शिक्षा अधिकारियों के तबादलों के साथ विभाग में जूते-मोजे, स्वेटर और पाठ्य पुस्तकों के टेंडर को लेकर विवाद में रहीं। गत वर्ष विभाग में बच्चों को फरवरी तक स्वेटर वितरित नहीं हुए थे। एक निजी न्यूज चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में अनुपमा के दफ्तर का भी नाम सामने आया था। तब सरकार ने अनुपमा के दफ्तर में कार्यरत निजी सचिव को हटा दिया था। तबादलों और टेंडर को लेकर अनुपमा का विभाग के अधिकारियों से भी टकराव हुआ। अनुपमा के कार्यकाल में हुई 68500 शिक्षकों की भर्ती में भी अनियमितताओं की शिकायतें आईं। 69000 शिक्षकों की भर्ती अभी तक उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग राज्यमंत्री अर्चना पांडेय को सरकार और संगठन के कामकाज में निष्क्रियता का खामियाजा भुगतना पड़ा है। बीते दिनों एक न्यूज चैनल की ओर से किए गए स्टिंग ऑपरेशन में अर्चना पांडेय के निजी सचिव पर भी गाज गिरी थी। लोकसभा चुनाव में अर्चना पांडेय के निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा था। उन्हें हटाए जाने की एक वजह इसे भी माना जा रहा है।
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