इससे पहले रविवार को चर्चा थी कि सोमवार को मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। दरअसल, रविवार को छुट्टी होने के बावजूद राजभवन में अधिकारियों को बुला लिया गया था। पर, रात 8 बजे सोमवार का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
सूत्रों की मानें तो इसकी वजह कुछ नामों को लेकर खींचतान थी। इसके बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के उच्च पदस्थ पदाधिकारियों के बीच विचार-विमर्श के बाद नाम तय किए गए। मंगलवार को यहां संघ और सरकार की समन्वय बैठक में भी इस बारे में चर्चा के बाद सूची को अंतिम रूप दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, विस्तार के बाद कई मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया जा सकता है। कुछ मंत्रियों को महत्वपूर्ण विभाग देकर कद बढ़ाया जा सकता है तो कुछ के पर छांटे जा सकते हैं। प्रदेश में मंत्रिमंडल के सदस्यों की संख्या 60 तक हो सकती है।
तीन मंत्रियों के सांसद चुन लिए जाने, एक मंत्री स्वतंत्रदेव के त्यागपत्र और ओमप्रकाश राजभर की बर्खास्तगी के कारण मंत्रिमंडल की संख्या 42 ही रह गई थी। अब इस्तीफों के कारण यह संख्या और कम हो गई है।