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UP Election 2022: लखनऊ की चार सीटों पर सपा में सिर फुटौव्वल, बागियों ने अलग-अलग दल से ताल ठोकी, मान मनौव्वल का दौर शुरू

Fri, 04 Feb 2022 04:14 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ में चार सीटों पर सपा के बागियों ने भी नामांकन दाखिल कर दिया है। ऐसे में भितरघात की आशंका बढ़ गई है जिससे मान मनौव्वल का दौर भी शुरू हो गया है।
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शारदा प्रसाद शुक्ला व राजेंद्र यादव। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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लखनऊ की ग्रामीण क्षेत्र की चारों विधानसभा सीटों पर सपाइयों के बीच सिर फुटौव्वल की नौबत आ गई है। पार्टी के बागियों ने अलग-अलग दल से ताल ठोक दी है। इससे प्रत्याशियों की मुसीबत बढ़ गई है तो मान मनौव्वल का दौर भी शुरू हो गया है। वहीं, अंत तक भितरघात की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। उधर, शहरी इलाके में शीर्ष नेतृत्व की हरी झंडी मिलने के बाद रोके गए उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल कर दिया।

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नामांकन के अंतिम दिन सपा के सभी उम्मीदवारों ने पर्चे दाखिल कर दिए। इसके साथ ही इनका आपसी संघर्ष भी उभर कर सामने आ गया। सपा विधायक अंबरीश पुष्कर ने परंपरागत सीट मोहनलालगंज से पर्चा भरा था, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने यहां से पूर्व सांसद सुशीला सरोज को उतार दिया गया। सुशीला के पर्चा भरने के बाद अंबरीश पुष्कर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पर्चा भर दिया है...अब कार्यकर्ता पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए वह निर्दल उम्मीदवार के तौर पर मैदान में रहेंगे।

इसी तरह मलिहाबाद से उम्मीदवार घोषित सुशीला सरोज के मोहनलालगंज जाने के बाद यहां से सपा की ओर से सोनू कन्नौजिया ने पर्चा भरा। लेकिन उनके सामने सपा के ही पूर्व विधायक इंदल रावत मैदान में आ गए। रावत ने सपा से इस्तीफा देकर कांग्रेस के टिकट पर पर्चा भरा है। यहां से सीएल वर्मा के भी पर्चा भरने की चर्चा थी, लेकिन वे तय समय तक नामांकन नहीं कर सके। सरोजनीनगर से सपा ने पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा को उतारा है। वह बुधवार को पर्चा दाखिल कर चुके हैं। यहां उनके विरोध में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के महासचिव एवं पूर्व मंत्री शारदा प्रसाद शुक्ला ने भी पर्चा भर दिया है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने टिकट का आश्वासन दिया था, लेकिन उनके साथ धोखा हुआ है। बीकेटी से सपा उम्मीदवार पूर्व विधायक गोमती यादव के पर्चा भरने के बाद पार्टी के ही पूर्व विधायक राजेंद्र यादव ने भी पर्चा दाखिल कर दिया है। उनका दावा है कि सपा नेतृत्व ने उन्हें पर्चा भरने की इजाजत दी है। फिलहाल पार्टी में किसी न किसी रूप में इन चारों सीटों पर आपसी संघर्ष बढ़ता दिख रहा है। अपने नेता के समर्थन में कार्यकर्ताओं में आक्रोश साफ दिख रहा है।

सभी की निगाह नाम वापसी पर टिकीं

मोहनलालगंज में अंबरीश पुष्कर के निर्दल और मलिहाबाद में इंदल रावत के कांग्रेस से आने से यहां की तस्वीर साफ है। वहीं, सरोजनीनगर में जहां शारदा प्रसाद शुक्ला खुद को असली समाजवादी बताते हुए वोट मांग रहे हैं तो बीकेटी में अभी उहापोह की स्थिति है। यहां के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि नाम वापसी तक स्थिति साफ होगी। तभी वे क्षेत्र में निकलेंगे।

भविष्य के खतरे से परेशान दिखे कार्यकर्ता
चार विधानसभा क्षेत्र में बगावत की खबर आते ही पार्टी कार्यकर्ताओं के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं। उनका कहना है कि किसी न किसी रूप में इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। जिला इकाई के पदाधिकारियों का कहना है कि जल्द एक प्रतिनिधिमंडल पार्टी नेतृत्व से मिलेगा। नाम वापसी के बाद सपा के सिंबल पर मैदान में रहने वाले उम्मीदवार को जिताने का प्रयास होगा। जिला महासचिव शब्बीर अहमद ने बताया कि प्रदेश कार्यालय से जिन लोगों के नाम की जानकारी दी गई है, उसे जिताने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जाएगा।

नगर कमेटी में पहुंचने लगे उम्मीदवार
नामांकन दाखिल करने के बाद उम्मीदवारों ने नगर कार्यालय पहुंच कर हाजिरी लगाई, लेकिन बिना नगर कमेटी को साथ लिए नामांकन करने की बात खटकती रही। कई नेताओं ने सवाल उठाया है कि जब नगर कमेटी को साथ लेकर चुनाव लड़ना है तो नामांकन के वक्त भी उससे पूछा जाना चाहिए। नामांकन करने से पहले उम्मीदवार नगर कमेटी आते और यहां से नामांकन करने जाते तो इससे एकजुटता का संदेश जाता।

महानगर कार्यालय पर उम्मीदवारों का अभिवादन
महानगर कार्यालय पर पर्चा दाखिल कर आने वाले उम्मीदवारों का स्वागत किया गया। इस दौरान एमएलसी सुनील यादव साजन मौजूद रहे। उन्होंने नेताओं से सभी उम्मीदवारों को भारी मतों से जिताने की अपील की। महानगर अध्यक्ष सुशील दीक्षित, महासचिव सौरव सिंह यादव ने माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान फिदा हुसैन अंसारी, विजय सिंह यादव, रामसागर यादव, पवन मनोचा, अनीस राजा, नवीन धवन बंटी, देवेंद्र यादव जीतू, मधुप सिंह यादव, अवनीश कुमार यादव थे।
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नामांकन के पहले तक गर्म रहा अफवाहों का बाजार

सपा नेतृत्व के चार प्रत्याशियों को नामांकन से रोकने के बाद से चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। उत्तर सीट से युवा नेता पूजा शुक्ला के साथ कैंट से राजू गांधी का टिकट कटने की चर्चा सबसे ज्यादा रही। पूजा के स्थान पर कई क्षेत्रीय नेताओं के नामों की चर्चा रही तो कैंट सीट पर सांसद रीता बहुगुणा जोशी के बेटे को टिकट दिए जाने को लेकर कयास लगते रहे। हालांकि, सपा ने अफवाहों का खंडन करते हुए कहा कि सभी टिकट फाइनल हैं।

पार्टी की ओर से बृहस्पतिवार को रविदास मेहरोत्रा ने मध्य, पश्चिम से अरमान, उत्तर से पूजा शुक्ला, पूर्व से अनुराग भदौरिया और कैंट से राजू गांधी ने नामांकन किया। बाकी नामांकन बुधवार को ही कर चुके थे। पार्टी के नगर महासचिव सौरभ सिंह यादव के अनुसार सभी कार्यकर्ता एकजुट हैं और भाजपा को हराने के लिए कमर कस चुके हैं।
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