कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन ने लखनऊ के करीब एक हजार रेडीमेड कपड़ों के कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। रमजान और समर सीजन में होनी वाली ब्रिकी के लिए इन्होंने स्टॉक पहले ही जुटा लिया था लेकिन अब यह शोरूम और उनके गोदामों में बंद पड़ा है।
रेडीमेड के ब्रांडेड डिस्ट्रीब्यूटर, होलसेलर व रिटेलर और अन ब्रांडेड होल सेलर कारोबारियों के शोरूम में करीब एक हजार करोड़ रुपये का रेडीमेड का स्टॉक अटका पड़ा है। इन कारोबारियों ने ग्राहकों व रिटेल कारोबारियों के लिए मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद, लुधियाना से रेडीमेड आइटम का फरवरी से मार्च तक स्टॉक जुटाया था।
खासतौर पर रमजान के होलसेल के जिस अनब्रांडेड रेडीमेड को अब तक बिक जाना था, वह स्टॉक ट्रांसपोर्टनगर से शोरूम तक नहीं पहुंच सका। लखनऊ रेडीमेड एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष और कारोबारी राकेश छाबड़ा ‘पम्मी’ ने बताया कि यहियागंज, अमीनाबाद सहित अन्य बाजारों की 500 से अधिक होलसेल कारोबारियोें ने लगभग 40-40 लाख रुपये का रेडीमेड खरीदा है।
इसमें समर सीजन की काटन शर्ट, टी शर्ट, जींस शामिल हैं। ये माल नहीं बिका तो आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा। वजह ये कि जो पूंजी थी वह समर सीजन और रमजान के रेडीमेड में फंसी है।
500 शोरूम में 200 करोड़ का रेडीमेड
अमरनाथ मिश्र, मो. अफजल व सुरेश खत्री।
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राजधानी की 500 थोक कारोबारियों के शोरूम में 200 करोड़ रुपये का रेडीमेड का स्टॉक है। इस रेडीमेड की सेल सिर्फ रमजान में होनी थी। इनमें 450 शोरूम यहियागंज और 50 अमीनाबाद सहित अन्य बाजार की हैं। कारोबारी अन ब्रांडेड रेडीमेड का मार्च से स्टॉक जुटा रहे थे। लॉकडाउन न होता तो ये रेडीमेड अब 200 किमी के दायरे से आने वाले रिटेलर खरीद ले जाते। -अमरनाथ मिश्र, अध्यक्ष लखनऊ रेडीमेड एसोसिएशन
समर और रमजान के लिए ब्रांडेड रेडीमेड के 450 रिटेलर और 50 डिस्ट्रीब्यूटर ने रेडीमेड को शोरूम में सजाया था। उनको उम्मीद थी कि सहालग से लेकर रमजान तक खूब सेल होगी, लेकिन कोरोना के चलते 22 मार्च से शोरूम नहीं खुले, जबकि छोटे शोरूम में 75 लाख से एक करोड़ और डिस्ट्रीब्यूटर ने 10-10 करोड़ के रेडीमेड कलेक्शन को जुटाया है। - मो. अफजल, ब्रांडेड रिटेलर, सहारागंज
मार्च से जुटा रहे थे स्टॉक
समर सीजन व रमजान के लिए फरवरी से रेडीमेड का स्टॉक जुटा रहे थे। रमजान में होली से अधिक रेडीमेड की सेल होती है। ब्रांडेड रेडीमेड का डिस्ट्रीब्यूटर होने के कारण इस अधिक स्टॉक जुटाया था। इसकी वजह भी प्रदेश के अधिकतर जिले के रिटेलर को रेडीमेड की सप्लाई करते हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते जुटाए गए रेडीमेड स्टॉक में से एक भी पीस नहीं बेच सके। - सुरेश खत्री, डिस्ट्रीब्यूटर ब्रांडेड व अन ब्रांडेड, अमीनाबाद