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Nakur Vidhan Sabha Chunav 2022: पिछला चुनाव भाजपा से जीते डॉ. धर्म सिंह सैनी इस बार सपा से मैदान में

Sun, 06 Feb 2022 10:16 AM IST
ishwar ashish जगेंद्र उज्ज्वल, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

Nakur Assembly Election 2022 नकुड़ विधानसभा सीट से इस बार डॉ. धर्म सिंह सैनी मैदान में हैं। वह भाजपा सरकार में मंत्री रहे हैं और इस बार सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
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सपा: धर्म सिंह सैनी, भाजपा: मुकेश चौधरी, बसपा: साहिल खान, कांग्रेस: रणधीर सिंह चौहान। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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नकुड़ विधानसभा सीट पर प्रमुख सियासी चेहरों के पाला बदलने से चुनावी जंग रोचक हो चली है। भाजपा के टिकट पर 2017 में चुनाव जीते और चार बार के विधायक डॉ. धर्म सिंह सैनी इस बार साइकिल पर सवार हैं। इस सीट पर उनके परंपरागत प्रतिद्वंद्वी काजी परिवार के इमरान मसूद भी अब सपा में हैं। चुनाव के ऐन मौके पर इन दोनों के पाला बदलने से समीकरण बदल गए हैं। डॉ. सैनी को पिछली बार भाजपा से उतरने से जिनका साथ मिला था, वे अब उनके खिलाफ हैं।

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भाजपा ने यहां गुर्जर प्रत्याशी मुकेश चौधरी को चुनाव मैदान में उतारा है। बसपा से नकुड़ के पूर्व पालिकाध्यक्ष खालिद खान के पुत्र साहिल खान और कांग्रेस से ठाकुर रणधीर सिंह चौहान मैदान में हैं, जो किसी का भी समीकरण बिगाड़ सकते हैं। आम आदमी पार्टी से आशीष त्यागी, आजाद समाज पार्टी से सोनू कुमार, एआईएमआईएम से रिजवाना मैदान में हैं। सभी जातीय समीकरण साधने में जुटे हुए हैं। दूसरे के वोटबैंक में सेंध लगाने की भी होड़ मची हुई है।

डॉ. धर्म सिंह सैनी सरसावा सीट से वर्ष 2002 व 2007 में बसपा से विधायक बने। परिसीमन के बाद सरसावा सीट का अधिकांश क्षेत्र नकुड़ विधानसभा क्षेत्र में शामिल हो गया। 2012 में यहां से वे तीसरी बार बसपा से विधायक बने। 2017 में बसपा छोड़ भाजपा में शामिल हुए और इमरान मसूद को हराकर लगातार चौथी बार विधानसभा पहुंचे। वे सजातीय मतों के साथ मुस्लिम और जाट का समीकरण बनाने की जुगत में हैं। मुकेश चौधरी अति पिछड़ा, सवर्ण और गुर्जर मतों के साथ भाजपा के परंपरागत वोटों के सहारे चुनावी नैया पार लगाने की कोशिश में है। बसपा के खालिद खान भी पार्टी के परंपरागत वोटों का बिखराव रोकने और मुस्लिम मतदाताओं को साधने के लिए पूरा जोर लगाए हुए हैं। कांग्रेस के रणधीर सिंह चौहान भी पूरा जोर लगाए हुए हैं।
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मुद्दों पर मुखर हैं मतदाता
बात मतदाताओं की करें तो वे मुद्दों पर बंटे हुए हैं। वे इशारों में बात कर रहे हैं। चुनावी माहौल जानने के लिए हम अनुसूचित जाति बहुल गांव रामगढ़ पहुंचे। यहां हमें मिले जसवंत व जगपाल सिंह चुनावी चर्चा छिड़ते ही कहते हैं, भाजपा सरकार में किसान व मजदूर दुखी हैं। गुर्जर बहुल गांव जुड्डी पहुंचे तो वहां हमें खेत से लौट रहे चौधरी रामशरण, बारू और मुकेश मिले। किसका माहौल है इस सवाल पर तीनों कहते हैं, भाजपा सरकार ने सरकारी आवास दिया। मुफ्त में राशन भी मिल रहा है। अन्य योजनाओं का भी सभी तबकों को फायदा मिल रहा है। गुंडागर्दी पर अंकुश लगा है। इसी से समझ लीजिए कि माहौल किसका है। जाट बहुल गांव शुक्रताल में मिले कंवरपाल सिंह कहते हैं कि भाजपा सरकार किसान विरोधी साबित हुई है। महंगाई चरम पर है। किसानों को फसलों के सही दाम नहीं मिल रहे हैं।

गंगोह में चौधरी यशपाल व काजी रशीद मसूद की प्रतिष्ठा दांव पर
नकुड़ से सटी गंगोह विधानसभा सीट पर चौधरी यशपाल सिंह और काजी रशीद मसूद के परिवारों की प्रतिष्ठा दांव पर है। कांग्रेस से पांच बार के विधायक रहे चौधरी यशपाल सिंह के छोटे बेटे चौधरी इंद्रसेन सपा और काजी रशीद मसूद के भतीजे नोमान मसूद बसपा से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा मौजूदा विधायक किरत सिंह के जरिये अपनी इस सीट को बरकरार रखना चाहती है। कांग्रेस से अशोक सैनी, आजाद समाज पार्टी से मौसम अली राना चुनावी रण में हैं।

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2017 का चुनाव परिणाम

डॉ. धर्म सिंह सैनी, भाजपा - 94,375
इमरान मसूद, कांग्रेस - 90,318
नवीन चौधरी, बसपा - 65,328
रामकुमार, रालोद - 783
वोटों का गणित
मुस्लिम - 1.20 लाख
अनुसूचित जाति - 62 हजार
गुर्जर - 40 हजार
सैनी - 35 हजार
कश्यप  - 25 हजार
ब्राह्मण - 12 हजार
जाट - 12 हजार
ठाकुर - 9 हजार
अन्य - 26 हजार
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