भव्य महल में बालक राम की पहली दीपावली का उल्लास केवल अयोध्या तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसकी आभा 84 कोस तक फैली हुई है। 500 साल के संघर्ष के बाद भव्य राममंदिर में विराजे बालकराम की पहली दीपावली की खुशी में अयोध्या समेत 84 कोस के भीतर स्थित 200 से अधिक मठ-मंदिर व तीर्थ स्थल रोशन होंगे। इन सभी स्थलों को पर्यटन विभाग व समाजसेवी संस्थाओं की ओर से 30 अक्तूबर को दीपों से जगमग करने की तैयारी पूरी की जा चुकी है।
राममंदिर में विराजे बालकराम की पहली दीपावली है तो रामनगरी से बाहर विराट अयोध्या भी इस खुशी की साक्षी बनने को आतुर है। जश्न सोमवार से ही शुरू हो गया है। शाम की गोधूलि का अहसास नहीं हुआ। पौराणिक रामकालीन स्थलों भरतकुंड, सूर्य कुंड, ऋषि मांडव्य, मूंगी, गौतम, पारासर आदि पूर्वजों के स्थलों के साथ ही जिले के 200 स्थलों पर भव्य और दिव्य दीपोत्सव के दीपों ने अयोध्या को जगमग कर दिया। इन स्थलों पर 30 अक्तूबर को भी भव्य दीपोत्सव मनेगा। रामनगरी की सीमा पर स्थित सूर्यकुंड को भी दीपोत्सव पर 25 हजार दीपों से रोशन करने की तैयारी है। यहां रोजाना शाम को हो रहे लाइट एंड साउंड शो में रामकथा के दर्शन हो रहे हैं।
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इसके अलावा भरतकुंड जहां भरत ने 14 वर्षों तक श्रीराम की प्रतीक्षा की थी। बुधवार को इस प्रतीक्षा के अंत की खुशी में यहां भी 25 हजार दीप जगमग होंगे। 84 कोसी परिक्रमा की परिधि पर स्थित मलकनिया धाम भी पांच हजार दीपों के साथ दीपोत्सव में शामिल होने को तैयार है, तो 84 कोसी परिक्रमा मार्ग का एक अन्य पड़ाव एवं राजा दशरथ का पुत्रेष्टि यज्ञ संपन्न कराने वाले यशस्वी श्रृंगी ऋषि का आश्रम भी हजारों दीपों से जगमग होकर आह्लादित होने की तैयारी में है।
जिस तमसा को पार कर श्रीराम युगों पूर्व वन को गए थे, उसी तमसा के तट का महादेवा घाट भी लंका विजय के बाद श्रीराम के अयोध्या आने की खुशी में 21 हजार दीपों के साथ खुशी मनाता नजर आएगा। 84 कोस की ही सीमा में स्थित सुनबा के घने जंगलों में महामंगल करने वाली मां कामाख्या की पीठ को भी लाखों दीपों से जगमग करने की तैयारी है। यहां एक लाख से अधिक दीये जलाए जाने की तैयारी है।
महंत रामशरण दास का कहना है कि अमित रूप प्रगटे तेहिं काला। जथा जोग मिलै सबहिं कृपाला...भगवान राम जब अयोध्या पहुंचे तो सभी अयोध्या वासियों की सोच थी कि वो सबसे पहले हम से मिलें। सभी के मन की बीत जानकर प्रभु राम ने अपनी माया से अनेक रूप धारण किया और एक साथ सबसे मिले। कुछ यही स्थिति इस दीपोत्सव में भी है, दीपोत्सव को लेकर अयोध्या का हर एक नागरिक हर्षित है।
उपनिदेशक पर्यटन आरपी यादव का कहना है कि रामनगरी सहित उससे सटे करीब 200 मठ-मंदिर और पौराणिक स्थलों को दीपोत्सव में रोशन किए जाने की योजना है। इसकी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। कई मठ-मंदिरों में दीप जलाने की व्यवस्था पर्यटन विभाग की ओर से की गई है तो कई स्थलों पर समाजसेवी संस्थाओं, मठ-मंदिरों की ओर से यह उत्सव मनाया जा रहा है।