बाराबंकी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बृहस्पतिवार को जिले की दो विधानसभा क्षेत्र में होने वाला कार्यक्रम बारिश की भेंट चढ़ गया। कई दिनों की मेहनत व तैयारियों पर हुए लाखों के खर्च पर भी देर रात से शुरू हुई बारिश ने पानी फेर दिया। हालांकि पार्टी के नेता व अधिकारी मौसम के मिजाज को लेकर सुबह से परेशान थे। पल-पल की अपडेट से ऊपर तक अवगत कराया जा रहा था। ऐसे में जब करीब सवा 11 बजे सीएम के कार्य निरस्त होने की सूचना मिली तो सभी ने राहत की सांस ली।
जिले की जैदपुर व सदर विधानसभा क्षेत्र में बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का कार्यक्रम प्रस्तावित था। यहां पर सवा सौ करोड़ की सौगात देने के साथ मुख्यमंत्री को विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों का सम्मान करना था। इसके लिए सीएम का करीब चार घंटे का कार्यक्रम था। मगर, बुधवार की देर रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने हरख के जनपद इंटर कॉलेज के मैदान व शहर के जीआईसी ऑडीटोरियम में कार्यक्रम को लेकर लाखों खर्च कर कई दिनों से की गई तैयारियों पर पानी फेर दिया।
पार्टी के कार्यकर्ता व अधिकारी बस आसमान की ओर निहार कर मौसम साफ की दुहाई कर रहे थे। मगर, सुबह तक तो बारिश से कार्यक्रम स्थल के हालात व सड़कों पर बहते पानी ने सभी को निराश किया। सीएम के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर उनकी धड़कनें हालातों को देखकर बढ़ी हुई थीं।
सुबह आठ बजे ही भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक कुशमेश पहले हरख के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उसके बाद शहर के जीआईसी ऑडीटोरियम में पहुंच तैयारी देखी। हालात देखकर वह भी काफी उधेड़बुन में दिखे। वहीं मीडिया प्रभारी भी पार्टी कार्यालय से निकलकर कार्यक्रम का हाल देखकर उच्च पदाधिकारियों को उससे रूबरू कराया।
इतना ही नहीं जिला प्रशासन के अधीनस्थ अधिकारी भी सुबह से ही अपने कार्यालय व ड्यृटी प्वाइंट पर बारिश के बीच पहुंच चुके थे। जो घरों में दुबके अपने उच्चाधिकारियों को हालातों से अवगत करा रहे थे। इतना ही नहीं पुलिस व एलआईयू की टीम भी पल की सूचना अफसरों को देती दिखी। इस दौरान कार्यक्रम स्थलों पर कई वीआईपी तो लग्जरी वाहनों से पहुंचे। मगर, गाड़ी से नीचे उतरने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। हालांकि डीएम ने सुबह करीब साढ़े 11 बजे अधिकृत रूप से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम रद्द होने की सूचना दी।
तेज हवा से बिखर गई थी कुर्सियां
वाटरप्रूफ पंडाल व ऑडीटोरियम में मूसलाधार की बारिश की फुहारों से सोफे व कुर्सियां भीग गईं। वहीं कीचड़ की समस्या भी दिखी। तेज हवा के कारण अधिकांश कुर्सियां भी अपने स्थानों से दूर गिरी पड़ी दिखीं। वहीं कार्यक्रम स्थल तक बनाई गईं सड़कें पानी में डूब गईं। वहीं मैदान में भी पानी भरा रहा।