कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथ लेते हुए उन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम फिल्म की तरह सेट होते हैं। लोगों को लगता है कि प्रधानमंत्री जी बड़ेे श्लोक बोल रहे हैं लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि प्रधानमंत्री जी लिखे श्लोक पढ़ रहे हैं, यह साफ दिखता है।
प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि मैंने सुना है कि बड़ी मीटिंग होने जा रही है। महिलाओं के साथ प्रधानमंत्री मीटिंग करने जा रहे हैं। महिलाओं को बस से ले जाया जाएगा। महिलाओं को पीली साड़ी पहनाई जाएगी। अच्छा है कि कम से कम अपने राजनीतिक जीवन में पहली बार प्रधानमंत्री महिलाओं की आंख में आंख डालकर कह तो रहे हैं कि महिलाओं के लिए कुछ नहीं करेंगे तो वह मुझे वोट नहीं देंगी।
प्रियंका से सवाल किया गया कि आपकी यह कोशिश कामयाब होती दिख रही है तो उन्होंने कहा कि हमने तो महिलाओं को सिर्फ जागरूक किया। प्रधानमंत्री तो सिर्फ कार्यक्रमों में माताओं, बहनों या बेटियों कहते हैं। महिलाओं को गैस सिलिंडर पकड़ा दिया। पैसा दे दे दिया। इससे क्या महिलाओं का भला होगा। प्रशासन अपराधियों को बचाता है और वह महिलाओं को सशक्त बनाने की बात कहते हैं। कहते हैं कि हमने 70 साल में कुछ नहीं किया। अब वह बताएं कि उन्होंने सात साल में क्या किया।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबियों पर इनकम टैक्स के छापे डाले जाने के सवाल पर प्रियंका ने कहा कि यह तो हम सात साल से देख रहे हैं। केंद्र सरकार लोगों को सताने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। मेरे साथ भी तो यही किया गया। उन्होंने कहा कि अगर आपको राजनीति बदलनी है तो जातिवाद और सांप्रदायिकता की यह राजनीति बंद होनी चाहिए। यह जनता को गुुमराह करने वाली राजनीति है। नेताओं को मालूम है कि कोई पूछने वाला नहीं है कि आपका नल लग रहा है कि नहीं। आपको रोजगार मिल रहा है कि नहीं। ये जानते हैं कि अगर हम सांप्रदायिकता की लाइन पर चलेंगे तो कोई विकास की बात नहीं करेगा।
हिंदू और हिंदुत्व के मुद्दे पर प्रियंका ने कहा कि हिंदूू धर्म अच्छी बात सिखाता है। सबके साथ प्रेम से रहने और सच्चाई की राह पर चलने की बात सिखाता है।