उत्तर प्रदेश के 13,500 लेखपालों की लिखित परीक्षा 28 मई से कराने की तैयारी है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे एक साल से इस परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं।
राजस्व परिषद ने 2015-16 में राजस्व लेखपालों के रिक्त पदों पर भर्ती कराई थी। वर्ष 2016 में मई-जून तक ज्यादातर जिलों में चयनित लेखपालों ने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया। नियमानुसार इन्हें एक वर्ष की ट्रेनिंग के बाद लिखित परीक्षा कराकर नियमित करने की कार्यवाही होनी चाहिए।
मगर, ट्रेनिंग के साथ ही उनसे नियमित लेखपाल का काम भी लिया जाने लगा। तमाम लेखपालों को नियमित की तरह एक से अधिक लेखपाल सर्किल के काम आवंटित कर दिए गए। नियमित लेखपालों की तरह काम न कर पाने पर कई प्रशिक्षु लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई
मगर, एक वर्ष की जगह दो वर्ष पूरे होने वाले हैं, लेखपालों की परीक्षा नहीं कराई गई। यह परीक्षा न होने से न तो उनकी नौकरी स्थायी हो रही है और न ही उन्हें इन्क्रीमेंट का लाभ मिल पा रहा है। लेखपाल संघ ने पिछले दिनों राजस्व परिषद के अधिकारियों के सामने प्रशिक्षु लेखपालों की लिखित परीक्षा न कराने का मामला उठाया था। अब इसकी तैयारी शुरू हो गई है।
राजस्व परिषद के एक अधिकारी ने बताया कि आयुक्त एवं सचिव लीना जौहरी ने प्रशिक्षु लेखपालों की इस परीक्षा के लिए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों से सूचना मांगी है। 28 मई से 15 जून के बीच इसे कराने का प्रस्ताव है। जिलाधिकारियों से सूचना आते ही परीक्षा का आधिकारिक कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा।