राज्य कर्मियों के प्रमोशन की राह में बरसों से चले आ रहे विसंगतियों के रोड़े को सरकार ने दूर कर दिया है।
अब राज्य कर्मियों को तय समय में प्रमोशन का लाभ मिल सकेगा। इस व्यवस्था से उन्हें प्रमोशन के लिए अब पद खाली होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
गुरुवार को प्रदेश कैबिनेट ने इसे हरी झंडी दे दी। राज्य सरकार के इस फैसले से करीब सवा लाख कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।
राज्य सरकार के अधीन विभागों में कार्यरत लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए अब तक अलग-अलग व्यवस्थाएं लागू थीं।
प्रमोशन 18 मार्च 2011 तथा 22 दिसंबर 2011 को जारी शासनादेश के आधार पर दी जाती थीं। इसके मुताबिक अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग कार्य अनुभव की अनिवार्यता रखी गई थी।
यही नहीं अनुभव अवधि बीतने के बाद भी कई साल तक पद रिक्त न होने की वजह से प्रमोशन नहीं मिल पाता था। इससे कार्य अनुभव के बावजूद कर्मचारियों को लंबा इंतजार करना पड़ता था।
राज्य सरकार ने इस विसंगति को दूर कर दिया। कैबिनेट के फैसले के मुताबिक अब तय अवधि तक एक पद पर काम के बाद कर्मचारियों को प्रमोशन दे दिया जाएगा।
यही नहीं पदोन्नति का लाभ जल्द-जल्द देने के लिए पूरी सेवाकाल के अनुभव को जोड़ने का भी निर्णय किया गया है। इसके अलावा यह भी व्यवस्था दे दी गई है कि यदि पद रिक्त हैं तो शासन से अनुमति लेकर कार्य अनुभव में छूट भी दी जा सकेगी।
सचिवालय, हाईकोर्ट, राजस्व परिषद, लोकसेवा आयोग, महाधिवक्ता कार्यालय, लोकायुक्त कार्यालय, विधानसभा, विधान परिषद व राज्यपाल सचिवालय के कर्मियों पर यह फैसला नहीं लागू होगा ।