कर्मचारियों के समर्थन में मंगलवार को आधुनिक रेल कोच फैक्ट्री पहुंची कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि केंद्र सरकार फायदे में चल रही कंपनियों का निगमीकरण करेंगी। बाद में वह इनका निजीकरण करेगी ताकि अपने उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुंचा सके।
उन्होंने कहा कि वह कर्मचारियों के संघर्ष के साथ हैं। वह जब बुलाएंगे तब वह यहां आएंगी। संसद से लेकर सड़क तक इसका विरोध होगा। रेल कोच फैक्ट्री का निगमीकरण किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे।
प्रियंका ने कहा कि इस तरह की फैक्ट्रियां पश्चिम बंगाल, पंजाब और तमिलनाडु में भी हैं लेकिन सबसे पहले रायबरेली को चुना गया। यह एक राजनीतिक फैसला है, लेकिन इस फैसले को कामयाब नहीं होने देंगे। कहा कि जो फैक्ट्री लाभ में चल रही है उसका निगमीकरण क्यों किया जा रहा है यह समझ से परे है। केंद्र के फैसलों से देश दुर्बल हो रहा है। संस्थाएं कमजोर हो रही हैं, लेकिन इस सब से सरकार का कोई मतलब नहीं है। देश की आर्थिक स्थिति बहुत नाजुक दौर में है।
प्रियंका गांधी को एमसीएफ बचाओ संघर्ष समिति की ओर से एक ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान सुनीता मीना, रेखा, ऊषा सहोटा, विभा कुमारी व संजू कुमारी समेत कर्मचारियों के घर की महिलाओं ने प्रियंका गांधी का स्वागत मालाएं पहनाकर किया। प्रियंका ने सबके साथ एक ग्रुप फोटो कराई। गेट मीटिंग में विधायक अजय प्रताप सिंह लल्लू , विजय शंकर अग्निहोत्री, महेश शर्मा, सईदुल हसन, राजकिशोर सिंह, कर्मचारी नेता रुकुमकेस मीना, तेजपाल, प्रवीण तिवारी, मनोज ओझा, देवनाथ निर्मल ने विचार व्यक्त किए।
सभी ने निगमीकरण के विरोध में लड़ाई के लिए संकल्पित होने की बात कही। धरने के दौरान सांसद प्रतिनिधि किशोरीलाल शर्मा, पूर्व विधायक अशोक सिंह, राकेश सिंह भदौरिया, दीपेंद्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।