एलडीए अपनी मोहान रोड योजना में दो महीने में निजी कंपनी से विकास कार्य शुरू कराएगा। साथ ही कुल 765 एकड़ जमीन में से 117 एकड़ जमीन एलडीए खुद विकसित करेगा।
इसके लिए जरूरी संशोधन के लिए निजी कंपनी ओमेक्स से सहमति लेगा। वहीं, राजधानी के विकास के लिए डिजिटल महायोजना ‘वन मैप’ तैयार की जाएगी।
इसके अलावा करीब 3500 फ्लैटों की कीमत भी नहीं बढ़ाने की तैयारी है। दिसंबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित एलडीए की बोर्ड बैठक में इन प्रस्ताव को रखा जाना है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
सचिव एलडीए पवन गंगवार ने बताया कि मोहान रोड योजना के लिए निजी कंपनी ओमेक्स से कुछ संशोधन पर मंजूरी ली जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, इसके बाद प्रस्ताव तैयार कर बोर्ड में रखा जाएगा। बोर्ड ने अगर सहमति दी तो करीब 648 एकड़ में जल्द ही विकास कार्य शुरू हो पाएंगे।
योजना पर काम कराने के लिए शासन की सहमति के बाद अब वित्तीय बिड के अलावा विकास कार्य शुरू कराने के लिए फैसला एलडीए बोर्ड से होना है।
ऐसा हुआ तो दो महीने में कंपनी विकास कार्य शुरू कर पाएगी। कंपनी से कहा गया है कि 648 एकड़ में विकास कार्य के लिए भी पूर्व में दी गई वित्तीय बिड 1606 करोड़ रुपये ही मानी जाएगी। इसमें कोई कटौती नहीं होगी।
117 एकड़ जमीन का नहीं हो सका पुनर्ग्रहण
मोहान रोड योजना की इस 117 एकड़ जमीन पर स्वामित्व ग्रामसभा का है। इसका पुनर्ग्रहण एलडीए अभी तक नहीं कर पाया है। ऐसे में तकनीकी रूप से एलडीए का अभी इन जमीनों पर स्वामित्व नहीं है। भविष्य में शासन के खुद किसी खास उपयोग के लिए जमीन का भू-उपयोग तय कर देने पर विधिक अड़चन से बचने के लिए एलडीए ने इन जमीनों को विकास योजना से बाहर रखा है। लेकिन इन जमीनों को निजी कंपनी को एक जगह करके देना होगा। साथ ही इन जमीनों के आसपास वाह्य विकास भी कराना होगा। एलडीए भी इन जमीनों को भविष्य में उपयोग के लिए रखेगा।
वन मैप से भू-माफिया पर होगा नियंत्रण
सचिव पवन गंगवार का कहना है कि शहर की महायोजना डिजिटली तैयार की जानी है। जीआईएस आधारित इस महायोजना को वन मैप नाम दिया गया है। इसके लिए बोर्ड से अनुमति ली जानी है। इसमें ड्रोन सर्वे की इमेज, खसरा आधारित नक्शे और एलडीए के ले-आउट को सुपरइंपोज किया जाएगा। इससे यह पता चल सकेगा कि कौनसी जमीनों का अभी तक नियोजन नहीं हुआ। वहीं, जमीनों पर कब्जा मिलने पर कार्रवाई भी हो सकेगी। बोर्ड की अनुमति मिलने पर इसके लिए काम शुरू करा दिया जाएगा।
बजट होटल को लीज पर देगा एलडीए
एलडीए कमता बस अड्डा पर बने नौ मंजिला बजट होटल को भी उपयोगी बनाने के लिए काम करेगा। इसकी नीलामी का प्रयास एलडीए कर चुका है। अब इसे लीज पर दिए जाने की योजना है। इसके लिए प्रस्ताव एलडीए बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। करीब छह साल पहले इसका निर्माण एलडीए ने कराया था।
नगर निगम को जाएगी नादान महल पार्किंग
एलडीए करीब 200 कारों की भूमिगत नादान महल पार्किंग को नगर निगम को हैंडओवर करेगा। इसके लिए भी प्रस्ताव तैयार किया गया है। अभी तक लोकार्पण के बाद भी इस पार्किंग का उपयोग एलडीए सुनिश्चित नहीं कर पाया है। ऐसे में स्वामित्व एलडीए अपने पास रखते हुए संचालन के लिए इसे नगर निगम को देगा।
इन प्रस्तावों को भी मिलनी है मंजूरी
- 24 मीटर सड़क पर आवासीय भवन में आंशिक रूप से वाणिज्यिक उपयोग की अनुमति
- शहर में प्रमुख सड़कों पर एकरूपता के लिए बनी नियमावली को लागू करना
- एलडीए के रिक्त फ्लैटों की कीमतों को स्थिर बनाए रखना
- नियोजन विभाग के भू-उपयोग परिवर्तन के प्रस्ताव
हाईटेक टाउनशिप में जीरो पीरियड पर फैसला अभी नहीं
सचिव ने बताया कि इस बोर्ड में अभी हाईटेक टाउनशिप के जीरो पीरियड पर फैसला का प्रस्ताव नहीं आएगा। अभी तक बिल्डर कंपनियों के आवेदन नहीं किए जाने से इसे अगली बैठक में रखा जाएगा।