एडीजी यातायात बीडी पॉल्सन ने बताया कि 15 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर अयोध्या जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ती है, तो भारी वाहनों काे दूसरे रास्तों पर डायवर्ट किया जाएगा।
अयोध्या में श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले 18 जनवरी की सुबह से अयोध्या की ओर भारी वाहन नहीं जा सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मकर संक्रांति की जगह 18 जनवरी की सुबह से भारी वाहनों के डायवर्जन की योजना को लागू करने का निर्देश दिया। साथ ही, अयोध्या जाने वाले चार प्रमुख राजमार्गों और चरण पादुका यात्रा के लिए ग्रीन कॉरीडोर बनाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज से अयोध्या जाने वाले रास्तों पर 22 जनवरी को अति विशिष्ट अतिथियों के आवागमन के लिए ग्रीन कॉरीडोर की तरह व्यवस्था करने को कहा है। इसके अलावा चरण पादुका यात्रा मार्ग को भी इसी तरह सुरक्षित बनाने को कहा है। बता दें कि धर्मनगरी चित्रकूट से भगवान राम की चरण पादुका लेकर अयोध्या के लिए 15 जनवरी से यात्रा शुरू होगी। साधु-संतों की यह यात्रा कौशांबी, प्रयागराज के रास्ते अयोध्या तक जाएगी।
फिलहाल अयोध्या में 22 जनवरी के आयोजन के मद्देनजर निजी वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित नहीं किया गया है। एडीजी यातायात बीडी पॉल्सन ने बताया कि 15 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर अयोध्या जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ती है, तो भारी वाहनों काे दूसरे रास्तों पर डायवर्ट किया जाएगा।