मोहनलालगंज उपकेंद्र क्षेत्र के 80 गांव शनिवार को पूरी रात अंधेरे में रहे। इन गांवों की 20 घंटे बत्ती गुल रही।
इलाकाई इंजीनियरों ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया तो उच्च अफसरों से इसकी शिकायत की गई।
बाद में इनके हस्तक्षेप के बाद रविवार अपराह्न तीन बजे के बाद बिजली चालू हो सकी। अस्सी गांव की करीब एक लाख की आबादी को शरारती तत्वों के चलते बिजली संकट झेलना पड़ा।
शनिवार शाम सात बजे शरारती तत्वों ने मोहनलालगंज उपकेंद्र से सिसेंडी को जाने वाली 11 केवी ओवर हेड लाइन पर टिकरा गांव के पास चैननुमा लोहे का तार फेंक दिया।
इसके कारण हाईटेंशन लाइन में जोरदार धमाका होने के बाद तार टूट गया। इससे त्रिलोकपुर, बेनीगंज, मलूई, राशिखेड़ा, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस एवं बीएसएफ शिविर सहित 80 गांवों की बिजली ठप हो गई।
तार टूटने के बाद उपकेंद्र से बिजली बंद कर दी गई। ग्रामीणों की शिकायत पर उपकेंद्र से कर्मचारी घटना स्थल पहुंचे और टूटे तार को जोड़े बिना ही वापस चले गए।
रविवार सुबह 10 बजे तक भी जब तार जोड़ने की सुध नहीं ली गई तो ग्रामीणों ने मुख्य अभियंता एपी सिंह से शिकायत की।
इसके बाद इलाकाई इंजीनियर हरकत में आए और अपराह्न तीन बजे बिजली चालू हो पाई।
फैजुल्लागंज उपकेंद्र ठप
रविवार सुबह फैजुल्लागंज उपकेंद्र ठप हो गया, इसके कारण 10 हजार से अधिक उपभोक्ता बिजली-पानी को तरसे। 33 केवी लाइन में आई में तकनीकी खराबी के कारण यह बिजली संकट उत्पन्न हुआ।
बांसमंडी इलाके में अंधेरा
रेजीडेंसी खंड के बांसमंडी इलाके में रविवार शाम को देर रात तक अंधेरा रहा। यह बिजली संकट 11 केवी लाइन में खराबी आने के कारण उत्पन्न हुआ।
जीटीआई उपकेंद्र से निकले बांसमंडी फीडर में यह फाल्ट शाम छह बजे आया। इसके कारण बांसमंडी, मकबूलगंज, चारबाग रोड पर रात 9 बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही।