पॉलीटेक्निक की सेमेस्टर परीक्षा बेपटरी हो गई है। छात्रों के नकल करने पर नकेल नहीं कसी जा पा रही है। शुक्रवार को परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे में ही सोशल मीडिया पर प्रश्न और उत्तर के फोटो वायरल हो गए। छात्रों का दावा है कि इस बार लखनऊ से ऐसा हुआ। उधर, विभाग इसे पेपर लीक होना मानने से इनकार कर रहा है। वह अब भी नकलची छात्रों की संख्या गिनाकर पुख्ता इंतजाम किए जाने की बात कहते हुए अपनी पीठ थपथपा रहा है।
पॉलीटेक्निक की सेमेस्टर परीक्षा पहली बार ऑनलाइन हो रही है। छात्र कहीं से भी बैठकर लैपटॉप व मोबाइल से परीक्षा दे रहे हैं। जबसे परीक्षा शुरू हुई है, तबसे बड़े पैमाने पर नकल होन की सूचनाएं आ रही हैं। इसकी जानकारी छात्र ही दे रहे हैं। परीक्षा शुरू होने के बाद प्रश्न और उसके विकल्प वायरल होने लगते हैं। बीते दिनों सामूहिक नकल भी हुई। वहीं, शुक्रवार को फिर नकल हुई। छात्रों के अनुसार सुबह 11 बजे से परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे के अंदर ही मेकेनिकल ब्रांच के इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग विषय के प्रश्नपत्रों के स्क्रीनशॉट और विकल्पों की फोटो पूरे शहर में वायरल होने लगी।
विभाग के अनुसार यह पेपर लीक नहीं
प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव सुनील सोनकर ने बताया कि ऑनलाइन परीक्षा में फिजिकल प्रश्नपत्र नहीं होते, इसलिए इसे लीक नहीं माना जा सकता। ऑनलाइन में प्रश्नपत्र पहले खुल ही नहीं सकता। परीक्षा से पहले जब तक प्रश्न आउट न हो, इसे पेपर लीक नहीं माना जा सकता।
इससे अच्छा तो परीक्षा नहीं कराते
जिस तरह से पॉलीटेक्निक परीक्षा में खुलेआम नकल हो रही है, उससे विभाग की साख गिरती जा रही है। प्रॉक्टर की टीम में तैनात प्रधानाचार्यों का कहना है कि इस तरह परीक्षा में सामूहिक नकल आज तक नहीं देखी। छात्र सुनने के लिए तैयार ही नहीं हैं। जहां वे परीक्षा देते हैं, कई लोगों की आवाजें आती हैं। इससे अच्छा तो ऑनलाइन परीक्षा नहीं कराते और बाद में समय अनुकूल होने पर ऑफलाइन एग्जाम होता।