फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हैलो, नमस्कार जी, पहचाना... हम आपके अपने हैं... ऐसे शब्दजाल में फंसाकर ठगी कर रहे साइबर ठग

Thu, 05 Dec 2019 05:20 PM IST
ishwar ashish इंद्र भूषण दुबे/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

पहले ऑडियो की बातचीत  

विज्ञापन

पैसा डलवाना है अपने पेटीएम लॉगिन करो...
हैलो..., नमस्कार जी..., पहचान रहे हो कि नहीं..., पहचान करो, कोई दुश्मन नहीं होंगे..., आवाज से पहचानो..., हम भी जानें कि हमें चाहने वाले ने पहचाना या दिल से निकाल दिया...। इसके बाद दूसरी तरफ से जो भी नाम लिया वहीं बन गए। फिर दूसरे चरण की बातचीत शुरू हुई। ... और बच्चे-फैमिली ठीक है, कहां पर हो आप..., अरे पेटीएम इस्तेमाल करते हो..., कौन से नंबर पर है..., अपना पेटीएम नंबर लॉगिन करोे..., एक बंदे के पास मेरा पैसा है..., उनके पास बैठा हूं, वह खाते में नहीं ट्रांसफर कर सकते, पैसे पेटीएम कराना है..., आप लॉगिन कराओ..., इधर से साइन आउट मार देगा, उनके खाते से पैसा आपके पास आ जाएगा.., आप तो मेरे पहचान वाले हो..., आपसे कभी भी रुपये ले सकता हूं..., इसके पास पेमेंट है..., अच्छा अपने पेटीएम का कोड लॉगिन करो..., अंजान आदमी के खाते में पैसे क्यों डालूंगा..., अभी मैं आगरा में हूं..., हमारे पास पेटीएम नहीं है, अगर होता तो आपसे क्यों बात करता..., अपना पासवर्ड बताओ..., धंधे वाला नहीं हूं...। इसके बाद कॉल रिसीव करने वाले ने विरोध जताते हुए जालसाज से पता पूछा तो कॉल कट जाती है। अगर उन्होंने जानकारी दे दी होती तो मोबाइल पर पेटीएम के खाते से रकम उड़ने का मेसेज आ जाता।

ऑडियो रिकॉर्डिंग की बातें

mobile shimla
दूसरी ऑडियो रिकॉर्डिंग की बातें
आपके अकाउंट में डलवा देता हूं, बाद में ले लूंगा..

नमस्कार..., कैसे हो..., पहचाना कि नहीं..., आवाज जानी-पहचानी लग रही होगी..., पहचान वाला ही बात कर रहा है..., नए नंबर से कॉल कर रहा हूं, पुराना बंद पड़ा है..., जयपुर से बोल रहे है शर्मा जी..., और सुनाओ परिवार में सब ठीक है..., काम-धंधा कैसा चल रहा है..., छोटी सी सेवा है आपसे..., 30 हजार रुपये एक आदमी से पेमेंट लेना है..., वह अकाउंट में डालने की बात कर रहा है.., आपके अकाउंट में डलवा देता हूं, बाद में आपसे ले लूंगा..., किसी के भी बैंक खाते में डलवा दीजिए..., मेरा चालू है पर एटीएम नहीं चल रहा है..., जिससे रकम लेनी है वह फौजी है, कार्ड टू कार्ड पेमेंट करेगा..., एटीएम कार्ड हो तो उसकी फोटो खींचकर भेज दो..., मैं करा दूंगा..., अभी 10 हजार दूसरे के खाते में कराया, तुरंत हो गया..., आपको जानता नहीं तो बात करता...। इसके बाद जैसे ही नाम पूछा तो जालसाज ने कहा अब आप मजाक कर रहे हो..., काम करना है तो बताओ, तभी अपना नाम बताऊंगा। इसके बाद कॉल डिस्कनेक्ट कर दी।

पुलिस मामलों पर कर रही है काम

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
लोगों के बैंक व पेटीएम अकाउंट से रकम उड़ाने वाले शातिर साइबर जालसाज अब ऐसी मीठी-मीठी बातों के शब्दजाल बुन रहे हैं। जैसे ही कोई इनके जाल में फंसा, उसके खाते से मोटी रकम साफ हो जाती है। ऐसे कई शातिरों की बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर पुलिस लोगों को सतर्क कर रही है, ताकि वे अपने बैंक खाते, एटीएम, पेटीएम आदि का पासवर्ड और जानकारी किसी को न दें।

साइबर क्राइम सेल के नोडल अधिकारी व क्षेत्राधिकारी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा के मुताबिक दो लोगों की जालसाजों से बातचीत की रिकॉर्डिंग हमारे पास है, जिस पर पुलिस काम कर रही है। एक में जालसाज अपनी मजबूरी बताकर पेटीएम का कोड हासिल करना चाहता है तो दूसरे में बैंक खाते का। पुलिस के मुताबिक शातिर ऐसे शब्दों के जाल में फंसाकर लोगों के खाते से रकम उड़ा रहे हैं कि कोई उन पर संदेह नहीं कर सकता है। दोनों रिकॉडिंग चार मिनट से अधिक की है।

साइबर जालसाजों से बचने को सतर्क रहना जरूरी

प्रतीकात्मक तस्वीर
अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि जालसाज पहले लोगों से बैंक अधिकारी, फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी बनकर खातों की डिटेल हासिल करते थे। ऐसे में लोगों के सतर्क हो जाने पर अब उन्होंने नया तरीका ढूंढा है। इसमें वे कॉल कर पहले खुद को आवाज से पहचानने की बात करते हैं।

फिर जो भी नाम कॉल रिसीव करने वाला लेता है वहीं बनकर बातचीत करते हैं। उसके परिवार, काम की बात करते हैं। फिर अपनी मजबूरी बताकर पेटीएम, एटीएम कार्ड, बैंक अकाउंट की जानकारी हासिल कर उसके खाते से रकम उड़ा देते हैं।

जब तक पीड़ित को इसकी जानकारी होती तब तक जालसाज अपना मोबाइल नंबर बंद कर देते। इसके बाद दूसरे नंबर से दूसरे खाताधारक को टारगेट करते। साइबर सेल के नोडल अधिकारी के मुताबिक साइबर जालसाजों से बचने को सतर्क रहना जरूरी है। उनकी बातों में न आएं। किसी भी फोन कॉल पर अपनी गोपनीय जानकारी न दें।
विज्ञापन

यहां पढ़ें- जालसाजी से बचने के सुझाव

प्रतीकात्मक तस्वीर
जालसाजी से बचने के सुझाव
- बैंक संबंधी जानकारी, पेटीएम, यूपीआई, गूगल-पे, एटीएम का पासवर्ड न बताएं।
- मेसेज से प्राप्त कोई भी लिंक को खोलने से बचें।
- खाते में कोई अपडेट कराना हो तो बैंक जाकर ही कराएं।
- फोन पर आए किसी भी ओटीपी को किसी से साझा न करें।
- ऐसी कोई भी इनामी, लॉटरी का मेसेज, जिसका आवेदन नहीं किया है उसे न खोलें।
- किसी भी इनामी योजना के कॉल पर कोई भी जानकारी शेयर न करें।
- किसी भी प्रकार के एप जैसे एनीडेस्क, टीमविवर आदि को मोबाइल में इंस्टॉल न करें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें