अविनाश पाठक ने बताया बैठक में इस हत्याकांड में सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में एक जनवरी से तीन दिन की छुट्टी पर जाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। सहमति बनने पर प्रदेश के सिपाही एक से तीन जनवरी तक काम नहीं करेंगे।
विद्रोही सेवानिवृत्त सिपाही है परिषद का संरक्षक
उत्तर प्रदेश राज्य पुलिस कर्मचारी परिषद का संरक्षक 1973 में हुए विद्रोह का अगुवाकार व सेवानिवृत्त सिपाही रामआशीष राय है। परिषद का अध्यक्ष गोरखपुर में तैनात आरक्षी विजय यादव है।
आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी के समर्थन में कुछ सिपाही लगातार सोशल मीडिया पर अभियान चला रहे हैं। एक ने फेसबुक पर लिखा कि प्रशांत अपनी ड्यूटी कर रहा था। विवेक को गोली मारने के उसके कदम को सही ठहराते हुए लिखा कि ड्यूटी निभाने के लिए उसे गोली चलानी पड़ी, इसलिए उसका मुकदमा सरकार को लड़ना चाहिए।
कुछ सिपाहियों ने प्रशांत को ब्रेवरी अवॉर्ड देने की बात भी लिखी। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर आरोपी का समर्थन करने वाले पुलिसकर्मी या तो उसके दोस्त या उसके बैच के हैं।
अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर चल रही खबरों को लेकर डीजीपी मुख्यालय भी सतर्क है और प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि यह भी सच है कि जो भी मेसेज सामने आ रहे हैं, वे सिर्फ सोशल मीडिया पर ही सक्रिय हैं।
अभी तक कोई भी सिपाही सामने नहीं आया है। इस बारे में डीजीपी ओम प्रकाश सिंह का कहना है कि सोशल मीडिया पर चल रही गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।