इंद्रभूषण दुबे, लखनऊ। राजधानी में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के करीब डेढ़ साल बाद कमिश्नरेट मुख्यालय के लिए जमीन की तलाश पूरी हो गई है। डालीबाग स्थित डीजीपी आवास के पास 3598 वर्गमीटर जमीन पर कमिश्नरेट मुख्यालय बनाने की मंजूरी के साथ शासन से निर्माण के लिए 48.69 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए गए हैं। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर के मुताबिक भवन निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगा।
प्रदेश सरकार ने पिछले साल 13 जनवरी को नोएडा व लखनऊ में कमिश्नरेट प्रणाली लागू की थी। इसके बाद एडीजी स्तर के अधिकारी को जिले में कानून व्यवस्था की कमान सौंपी गई। प्रणाली लागू होने के बाद से ही कमिश्नरेट मुख्यालय के लिए जमीन की तलाश शुरू हो गई थी। इस दौरान डीजीपी मुख्यालय सिग्नेचर बिल्ंिडग के पास, चारबाग स्टेशन के पास एपी सेन रोड स्थित एक भवन और बंदरियाबाग में एक बड़े सरकारी भवन पर काफी समय तक मंथन चला। यह भी चर्चा चली कि डीजीपी का पुराना कैंप कार्यालय ही कमिश्नरेट मुख्यालय बनाया जाएगा, लेकिन बात नहीं बनी। अब कमिश्नरेट मुख्यालय डालीबाग स्थित डीजीपी आवास के पास बनाए जाने पर मुहर लगी है।
कमिश्नर व दोनों जेसीपी का होगा कार्यालय
पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने बताया कि डीजीपी आवास के पास खाली सरकारी 3598 वर्गमीटर जमीन पर सात मंजिला भवन बनेगा। इसमें पुलिस कमिश्नर, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध व मुख्यालय का कार्यालय होगा। निर्माण पर 48.69 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। यह रकम भी सरकार ने मंजूर कर दी है। भवन में एक बड़ी पार्किंग, कैफेटेरिया, मीटिंग रूम, पुलिस कमिश्नर का गोपनीय कार्यालय, कर्मचारियों के लिए बैठने के लिए नए तरीके का कार्यालय बनेगा। इसका निर्माण जल्द ही शुरू होगा। डालीबाग में कमिश्नरेट मुख्यालय बनने से लोगों को शिकायत व फरियाद के लिए ज्यादा दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। वहीं पूरे कमिश्नरेट का केंद्र होने के कारण आसानी से मॉनिटरिंग भी हो सकेगी।
वर्तमान भवन में चलेगा क्राइम ब्रांच मुख्यालय
वर्तमान में कमिश्नरेट का मुख्यालय पुरानी विधि विज्ञान प्रयोगशाला के भवन में स्थापित है। नए भवन के निर्माण के बाद पूरा कार्यालय डालीबाग में स्थापित कर दिया जाएगा। इसके बाद महानगर के विज्ञानपुरी स्थित कमिश्नरेट मुख्यालय में क्राइम ब्रांच का मुख्यालय खोल दिया जाएगा। यहां पर डीसीपी अपराध, एडीसीपी अपराध, एसीपी अपराध सहित क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर के साथ साइबर क्राइम सेल का कार्यालय भी शिफ्ट किया जाएगा।
पुराने एसएसपी कार्यालय में चलेगी कोर्ट
कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने से पहले राजधानी के पुलिस मुखिया का कार्यालय डालीगंज में स्थापित था। कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद यह कार्यालय संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था को दिया गया था। इसी कार्यालय में पुलिस कमिश्नर की कोर्ट भी बनाई गई थी। नए भवन में जेसीपी कानून-व्यवस्था का कार्यालय बन जाने के बाद पुराने एसएसपी कार्यालय में पुलिस कमिश्नर की कोर्ट चलेगी। यहां पर कोर्ट का निर्माण भी कराया जाएगा। कोर्ट से संबंधित सभी कार्यालय यहीं पर रहेंगे। इसी कोर्ट में पूरे कमिश्नरेट के गिरफ्तार आरोपियों की पेशी होगी और सुनवाई कर जेल भेजा जाएगा।