नगर विकास विभाग द्वारा नियमावली जारी होने के बाद नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों में क्षेत्रवार किराया दर तय की जाएगी। इसे तय करने का अधिकार निकाय बोर्ड का होगा। क्षेत्रवार किराया दर और भवन के निर्मित क्षेत्र को 12 से गुणा करते हुए वार्षिक मूल्य (एआरवी) तय किया जाएगा। इसका कुल कितना प्रतिशत संपत्ति कर के रूप में लिया जाएगा इसे निकाय बोर्ड स्थानीय स्तर पर तय करेंगे।
पुराने भवनों पर भारी छूट
नई नियमावली में पुराने भवन स्वामियों को बड़ी राहत दी गई है। उदाहरण के लिए 10 साल से पुराने भवनों में अगर भवन स्वामी स्वयं रह रहा है तो उसे 25 प्रतिशत छूट मिलेगी। इसी तरह 10 से 20 साल पर साढ़े 32 प्रतिशत और 20 साल से अधिक पुराने भवन पर 40 फीसदी छूट दी जाएगी। अगर ऐसे भवनों में भवन स्वामी नहीं रहता है और किराए पर चल रहा है तो 10 साल पुराने भवन पर 25 फीसदी, 10 से 20 साल पुराने भवन पर साढ़े 12 फीसदी अधिक गृहकर लिया जाएगा, लेकिन 20 साल पुराने भवनों पर कोई अतिरिक्त कर नहीं लिया जाएगा।